ग्रीन कार्ड (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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राष्ट्रपति जो बाइडन की इच्छा है कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) को देश की टूटी हुई आव्रजन प्रणाली को जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए। व्हाइट हाउस के मुताबिक, राष्ट्रपति चाहते हैं कि कांग्रेस आव्रजन सुधार पर काम करे और भारतीय डॉक्टरों व अन्य पेशेवरों को तेजी से ग्रीन कार्ड हासिल करने की अनुमति दे।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन का मानना है कि इस काम के लिए वे कांग्रेस के साथ आगे बढ़ने के इच्छुक हैं। बता दें कि फरवरी में बाइडन प्रशासन ने अमेरिकी संसद में एक महत्वाकांक्षी आव्रजन बिल पेश किया है, जिसमें अन्य बातों के अलावा रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए प्रति-देश कैप को खत्म करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
2021 का अमेरिकी नागरिकता अधिनियम 1.1 करोड़ अनिर्दिष्ट कामगारों की नागरिकता का प्रस्ताव भी करता है जिसमें एच-1बी वीजा धारकों के आश्रितों के लिए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और कार्य प्राधिकरण के लिए प्रति देश कोटा का उन्मूलन शामिल है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता भारतीय-अमेरिकी डॉक्टरों के हालिया विरोध पर एक सवाल का जवाब दे रही थीं। इस विरोध प्रदर्शन में डॉक्टरों ने ग्रीन कार्ड के लिए मौजूदा प्रति देश कोटा खत्म करने की मांग की थी।
बिल पास हुआ तो भारतीय परिवारों को होगा लाभ
पिछले महीने, डेमोक्रेटों ने कांग्रेस में एक व्यापक आव्रजन सुधार विधेयक पेश किया। यदि यह प्रतिनिधि सभा और सीनेट से पारित हो जाए और बाइडन इस पर दस्तखत कर दें तो अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए मौजूदा बाधाएं दूर हो जाएंगी। इस कानून से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों और उनके परिवारों को भी लाभ होगा। बता दें कि कनाडा और मेक्सिको को छोड़कर प्रत्येक देश में हर साल सिर्फ 26,000 ग्रीन कार्ड की अनुमति है। इसने भारत जैसे देशों के आवेदकों के लिए एक विशाल बैकलॉग बनाया है, जबकि कुछ देश अपने पूर्ण कोटा का उपयोग तक नहीं करते हैं।
भारतीय महिलाएं सर्वाधिक प्रभावित
व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने एच-4 और एल-2 वीजा धारकों को रोजगार प्राधिकरण से जारी होने वाले ग्रीन कार्ड में देरी के सवाल पर कहा, इससे सर्वाधिक प्रभावित भारतीय महिलाएं हैं। उन्हें जीवनसाथी के तौर पर वीजा कार्रवाई में शीघ्रता जरूरी है। उन्होंने ऐसे वीजा प्रसंस्करण को तेज करने और कई स्तरों पर ऐसा करने के लिए जोर दिया। बता दें कि एच-1बी वीजा धारकों के परिजनों (पति/पत्नी व 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों) के लिए एच-4 वीजा जारी होता है जिनमें अधिकांश भारतीय आईटी पेशेवर शामिल हैं।