अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने एलान किया है कि वह हिंद-प्रशांत रणनीति को लेकर दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेताओं के एक विशेष शिखर सम्मलेन की मेजबानी करेंगे। उनकी यह घोषणा रणनीतिक रूप से अहम इस क्षेत्र में चीन के आक्रामक कदमों के बीच अमेरिका की हिंद-प्रशांत नीति को लेकर उनकी प्रतिबद्धता का संकेत देती है।
बाइडन ने यह एलान मंगलवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सेन लूंग के साथ व्हाइट हाउस में एक संयुक्त प्रेसवार्ता में किया था। उन्होंने कहा, 'जब हम भविष्य की ओर देखते हैं, प्रधानमंत्री ली और मैंने आसियान के प्रति एक प्रतिबद्धता साझा की है। मैं बसंत में एक विशेष सम्मेलन के लिए वाशिंगटन में आसियान नेताओं की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हूं।'
इस शिखर सम्मेलन की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि इसका आयोजन जल्द ही किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बारे में कोई और जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने कहा, सिंगापुर और संयुक्त राज्य अमेरिका, दोनों ही दक्षिण चीन सागर में नेविगेशन की स्वतंत्रता के साथ-साथ समुद्री वाणिज्य के निर्बाध प्रवाह के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हिंद-प्रशांत रणनीति के लिए 1.8 अरब डॉलर की मदद का दे चुके हैं प्रस्ताव
बाइडन हिंद-प्रशांत रणनीति के लिए 1.8 अरब डॉलर (लगभग 13,670 करोड़ रुपये) की राशि देने का भी रख चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने यहां चीन का मुकाबला करने के लिए 40 करोड़ डॉलर (करीब तीन हजार करोड़ रुपये) की अतिरिक्त सहायता का भी प्रस्ताव दिया है। ये घोषणाएं 2023 के लिए अमेरिका के 773 अरब डॉलर के सालाना बजट का हिस्सा हैं।
हिंद-प्रशांत का गौरवान्वित सदस्य है अमेरिका : कमला हैरिस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा है कि अमेरिका हिंद-प्रशांत का एक गौरवान्वित सदस्य है और क्षेत्र के देशों के साथ उसके स्थायी संबंध है। हैरिस ने अमेरिका के दौरे पर आए सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के साथ साझा प्रेसवार्ता में कहा, यह एक ऐसा रिश्ता है जिसे हम साझा सिद्धांतों सहित कई कारणों से महत्व देते हैं।
इसमें विश्व व्यवस्था व अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के संदर्भ में अहम बातें शामिल हैं। लूंग ने कहा कि अमेरिका ने करीब आठ वर्षों में एशिया प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण और रचनात्मक भूमिका निभाई है। सिंगापुर ने लगातार कथनों और कार्यों के माध्यम से इस क्षेत्र में एक मजबूत अमेरिकी उपस्थिति का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच घनिष्ठ आर्थिक संबंध हैं।