राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि महामारी के दौर में एशियाई-अमेरिकी पर घृणा भावना से किए गए क्रूर हमले अमेरिकी भावना के खिलाफ है। उन्होंने अपने पहले ‘प्राइम-टाइम’ संबोधन में एशियाई-अमेरिकी पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस समुदाय के लोगों को प्रताड़ित किया गया, उन पर आरोप लगाए गए और उन्हें बलि का बकरा बनाया गया।
राष्ट्रपति ने कहा, मास्क, जो कई बार जिंदगियां बचाने का सबसे आसान तरीका होता है, उसने हमें विभाजित कर दिया है। विभिन्न राज्य एक साथ काम करने के बजाय एक-दूसरे के खिलाफ हो गए और एशियाई-अमेरिकियों पर नस्ली हमले किए गए तथा उन्हें प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने कहा, इस वक्त उनमें से हमारे कई साथी अमेरिका में फैसी महामारी से लोगों की जिंदगी बचाने में जुटे हैं। लेकिन इसके बावजूद उन लोगों के डर की आशंका में जीने की मजबूरी गलत है और इसे रुकना चाहिए। बाइडन के बयान का भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने स्वागत किया है।
खन्ना ने ट्वीट किया, एशियाई-अमेरिकियों को बलि का बकरा बनाने के खिलाफ दृढ़तापूर्वक बोलने के लिए राष्ट्रपति बाइडन का शुक्रिया।