इस्राइल और हमास ने गाजा पट्टी में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई है। दोनों के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया में शांति बहाल होने से भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत से मध्य पूर्व के जरिए यूरोप तक फैला आईएमईसी कॉरिडोर अब हकीकत बन सकता है।
बता दें कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) को चीन की 'वन बेल्ट, वन रोड' पहल का विकल्प माना जा रहा है। आईएमईसी में आठ देश शामिल हैं। इस समझौते पर 9 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में भारत, अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य रेल और शिपिंग नेटवर्क के जरिए यूरोप और एशिया के बीच परिवहन और संचार को मजबूत करना है।
जी-20 बैठक में आर्थिक गलियारे के लिए प्रमुख देशों को किया एकजुट: बाइडन
पश्चिम एशिया में 15 महीने से जारी हिंसक संघर्ष थमने के बाद जो बाइडन ने खुशी जाहिर की। उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि 23 सितंबर को दिल्ली में जी-20 बैठक में, मैंने भारत से मध्य पूर्व होते हुए यूरोप तक एक आर्थिक गलियारे के लिए प्रमुख देशों को एकजुट किया। उन्होंने कहा कि अब यह आर्थिक गलियारा हकीकत बन सकता है।
बता दें कि अक्तूबर 2023 में इस्राइल पर हमास के हमले के बाद आईएमईसी कॉरिडोर परियोजना में तुरंत रुकावट आ गई थी।
बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के साथ टकराव पैदा नहीं करना चाहता भारत
हडसन इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आईएमईसी इसका उदाहरण है कि कैसे भारत अपने विस्तृत होते आर्थिक और रणनीतिक हितों का ध्यान रखते हुए बहुपक्षीय व्यवस्थाओं के साथ टकराव पैदा नहीं करना चाहता। IMEC से जुड़ी पहल के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के पुनर्गठन और व्यापारिक मार्गों पर भारत की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है।
भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है परियोजना
रिपोर्ट के अनुसार, चीन की बेल्ट एंड रोड पहल का विकल्प पेश करके, यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास में भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है। साथ ही, इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच वार्ता में भारत की भागीदारी, जिसके परिणामस्वरूप अब्राहम समझौते हुए, महत्वपूर्ण कूटनीतिक बदलाव को दर्शाता है।
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