अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वे भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग के लिए जलवायु साझेदारी को मुख्य आधार बनाना चाहते हैं। जलवायु परिवर्तन पर दो दिनी वर्चुअल शिखर सम्मेलन के बाद बाइडन ने कहा, उनके लक्ष्य में 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा भी शामिल होगी जिसके लिए भारत का सहयोग अहम है।
सम्मेलन के दौरान बाइडन ने केन्या को केरोसिन स्टोव से निजात दिलाने और इस्राइल की बैट्री क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, लक्ष्य प्राप्ति के लिए हम सब साथ चलेंगे। उन्होंने तमाम देशों के सत्ता प्रमुखों को संबोधित करने के बाद समापन संदेश में कहा कि यह सम्मेलन इसलिए अहम रहा क्योंकि इसमें हानिकारक गैसों का सर्वाधिक उत्सर्जन करने वाले चीन, भारत, जापान और ब्रिटेन समेत 40 देश शामिल हुए।
उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व में इस मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। सम्मेलान के दौरान बाइडन ने चालू दशक में अमेरिका में कोयले और पेट्रोलियम पदार्थो के इस्तेमाल को घटाकर आधा करने की घोषणा की। कहा, हमें अपनी घोषणाओं को साकार कर दिखाना है। वादा करने के बाद कुछ नहीं करने का अर्थ होगा कि हम बहुत अधिक गर्म हवा से घिर जाएंगे और हमारा चैन चला जाएगा।