फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परमाणु सौदा: क्या ईरान के साथ दोमुंहा खेल खेल रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन?

Mon, 03 May 2021 10:07 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि अमेरिका में इस्रायल की मजबूत लॉबी है। वह शुरू से ईरान परमाणु डील के खिलाफ रही है। अमेरिका उसमें फिर से न लौटे, इस पर अब उसने पूरा जोर लगा दिया है। बाइडन प्रशासन उसके दबाव में आता दिख रहा है। 
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की इस्रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के निदेशक से 'अचानक' हुई मुलाकात के बारे में जो ब्योरा सामने आया है, उससे ईरान के साथ परमाणु सौदे में लौटने के बाइडन प्रशासन के इरादे पर सवाल खड़े हो गए हैं। वेबसाइट एक्सियोस डॉट कॉम ने एक वरिष्ठ इस्रायली अधिकारी के हवाले से खबर दी है कि इस मुलाकात में बाइडन ने मोसाद के निदेशक योसी कोहेन से कहा कि इसके पहले कि अमेरिका 2015 के परमाणु समझौते में लौटे, बातचीत का लंबा रास्ता तय किया जाना है।

विज्ञापन


इसके पहले अखबार टाइम्स ऑफ इस्रायल ने बताया था कि योसी कोहेन और उनके साथ अमेरिका गए इस्रायली अधिकारियों के दल की जब ह्वाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान के साथ बातचीत चल रही थी, तभी बाइडन अचानक वहां पहुंच गए। बाद में इसकी पुष्टि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने भी की। प्रवक्ता के मुताबिक कोहेन और सुलिवान ने ‘क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों’ पर बातचीत की। इसी दौरान वहां पहुंचे राष्ट्रपति बाइडन ने हाल ही में इस्रायल में एक धार्मिक समारोह के दौरान भगदड़ मचने की घटना पर शोक जताया। इस घटना में 45 लोग मारे गए थे।

रविवार रात एक्सियोस डॉट कॉम ने ये खबर दी कि अपनी वहां अपनी मौजूदगी के दौरान बाइडन ने ईरान परमाणु डील के मामले में भी टिप्पणी की। गौरतलब है कि 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान बाइडन ने राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका को परमाणु डील में लौटाने का वादा किया था। इसे उन्होंने समस्याओं का बहुपक्षीय हल ढूंढने की अपनी सोच का हिस्सा बताया था। लेकिन जनवरी में राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडन प्रशासन ने परमाणु डील में लौटने को लेकर टाल-मटोल का रुख अपनाया है। उसने इसमें अमेरिका की वापसी के लिए नई शर्तें रख दीं, जिन्हें मानने के लिए ईरान तैयार नहीं है।
विज्ञापन


योसी कोहेन 2016 से मोसाद के निदेशक हैं। मोसाद इस्रायल विरोधियों पर गुप्त हमले करने के लिए बदनाम रहा है। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक कोहेन ने बाइडन से कहा कि ईरान परमाणु करार में बिना सुधार किए उसमें अमेरिका का लौटना एक भूल होगी। इसी के बाद बाइडन ने उपरोक्त टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका भविष्य में भी इस मामले में इस्रायल की राय लेता रहेगा।

एक्सियोस डॉट कॉम ने ये खबर भी दी है कि इस्रायली अधिकारियों ने आधिकरिक तौर पर दी गई इस जानकारी से असहमति जताई है कि सुलिवान और कोहेन की बातचीत के बीच जो बाइडन अचानक वहां पहुंच गए। उन्होंने दावा किया है कि ना तो बाइडन वहां अचानक आए और ना उनके आने का मकसद इस्रायल में हुए हादसे पर शोक जताना था। बल्कि यह पहले से तय मुलाकात थी, जिसका मकसद ईरान के मसले पर चर्चा करना था।

अब इस तरफ भी ध्यान खींचा गया है कि शुक्रवार को हुई ये मुलाकात राष्ट्रपति बाइडन और इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत के तुरंत बाद हुई। आधिकारिक तौर पर यह बताया गया था कि बाइडन ने इस्रायल में हुए हादसे पर शोक जताने के लिए नेतन्याहू को फोन किया था। अब इस्रायली अधिकारियों ने दावा किया है कि बाइडन की मौजूदगी में ह्वाइट हाउस में एक घंटे तक बातचीत हुई। इसमें बाइडन और सुलिवान के अलावा सीआईए के निदेशक बिल बर्न्स भी शामिल हुए। ह्वाइट हाउस ने अब तक इस खबर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

लेकिन विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि अमेरिका में इस्रायल की मजबूत लॉबी है। वह शुरू से ईरान परमाणु डील के खिलाफ रही है। अमेरिका उसमें फिर से न लौटे, इस पर अब उसने पूरा जोर लगा दिया है। बाइडन प्रशासन उसके दबाव में आता दिख रहा है। गौरतलब है कि ये समझौता पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद इससे अमेरिका को अलग कर लिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें