रिपब्लिकन पार्टी की भारतीय मूल की उम्मीदवार निक्की हेली ने कहा है कि वह उपराष्ट्रपति बनने की इच्छुक नहीं हैं और वह सिर्फ अमेरिका की अगली राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव लड़ रही हैं। निक्की हेली का यह बयान आयोवा कॉकस से पहले आया है, जिसके बाद आधिकारिक रूप से अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
'मैं कभी भी दूसरे स्थान के लिए नहीं खेलती'
दरअसल निक्की हेली से सवाल पूछा गया था कि कुछ मतदाताओं का कहना है कि वह निक्की हेली को उपराष्ट्रपति के रूप में देखना पसंद करेंगे ना कि राष्ट्रपति के रूप में। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निक्की हेली ने कहा कि 'मैं उपराष्ट्रपति बनने की इच्छुक नहीं हूं। मैं राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश कर रही हूं और मैं जीतने के लिए चुनाव लड़ रही हूं।' दक्षिण कैरोलिना राज्य की पूर्व गवर्नर हेली ने कहा 'मैं कभी भी दूसरे स्थान के लिए नहीं खेलती।'
'मैं नहीं चाहती कमला हैरिस राष्ट्रपति बने'
निक्की हेली ने उन्हें उपराष्ट्रपति और डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति के रूप में देखने वाले मतदाताओं को कहा कि 'क्या आप चार साल और अराजकता देखना चाहते हैं, क्योंकि इससे आपको यही मिलेगा। इससे भी ज्यादा चिंता की बात ये है कि ट्रंप और बाइडन के बीच कांटे की टक्कर है और अगर इन दोनों के बीच चुनाव होगा तो यह करीबी मुकाबला होगा। मैं नहीं चाहती कि कमला हैरिस राष्ट्रपति बने।' निक्की हेली ने दावा किया कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उनके और ट्रंप के बीच ही मुकाबला है। निक्की हेली की लोकप्रियता बीते कुछ हफ्तों में बढ़ी है और कई विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के खिलाफ वह एक मजबूत उम्मीदवार हो सकती हैं।
ट्रंप अभी भी रेस में सबसे आगे
राष्ट्रपति पद की रेस के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनने की प्रक्रिया 15 जनवरी से आयोवा कॉकस के साथ शुरू हो गई है। अभी रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी में सबसे आगे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम शामिल है। वहीं निक्की हेली दूसरे स्थान पर हैं। अमेरिका में हुए विभिन्न सर्वे में दावा किया गया है कि आयोवा कॉकस में करीब 48 प्रतिशत लोग डोनाल्ड ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुन सकते हैं। दिसंबर में 51 प्रतिशत लोगों ने ट्रंप को अपनी पसंद बताया था।
वहीं निक्की हेली को 20 प्रतिशत लोग अपनी पसंद चुन सकते हैं। हेली की लोकप्रियता में चार फीसदी का उछाल आया है, जबकि फ्लोरिडा के गवर्नर रोन देसांतिस 16 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर लुढ़क गए हैं। भारतीय मूल के एक और उम्मीदवार विवेक रामास्वामी इस रेस में चौथे स्थान पर हैं और आयोवा कॉकस के नतीजों में विवेक रामास्वामी के लिए बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं दिख रही है।