अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के कथित चुनावी धांधली की न्याय विभाग (डीओजे) से जांच की मांग की है। इसी के साथ ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ी हेराफेरी करार दिया। इसी के साथ ट्रंप ने चुनाव में धांधली रोकने के संभावित प्रयासों के रूप में डाक द्वारा या समय से पहले मतदान को रोकने और वोट डालने के लिए मतदाता पहचान पत्र की वकालत की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कैलिफोर्निया के प्रस्ताव 50 की भी आलोचना की, जिसमें कांग्रेस के जिलों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया और इसकी तुलना एनबीए जुआ घोटाले से की। उन्होंने लिखा,"2020 का राष्ट्रपति चुनाव, धांधली और चोरी का शिकार होना, एक बहुत बड़ा घोटाला है। देखिए हमारे देश का क्या हुआ जब एक कुटिल मूर्ख हमारा "राष्ट्रपति" बन गया! अब हमें सब कुछ पता है।"
उन्होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि न्याय विभाग इस मामले को अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े घोटाले के अनुरूप "जोश" से आगे बढ़ाएगा! अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह फिर से होगा, जिसमें आगामी मध्यावधि चुनाव भी शामिल हैं।
प्रस्ताव 50 के लिए मतदान पूरी तरह से बेईमानी-ट्रंप
इसी के साथ ट्रंप ने आगे आरोप लगाया कि कैलिफोर्निया के प्रस्ताव संख्या 50 के लिए मतदान पूरी तरह से बेईमानी है और आरोप लगाया कि लाखों मतपत्र राज्य में भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "कोई डाक या जल्दी मतदान नहीं, मतदाता पहचान पत्र के लिए हाX! देखिए कैलिफोर्निया का प्रस्ताव संख्या कितनी बेईमानी से भरा है! लाखों मतपत्र "भेजे" जा रहे हैं। होशियार हो जाओ रिपब्लिकन, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए!!!"
कैलिफोर्निया का प्रस्ताव 50 एक संवैधानिक संशोधन
बता दें कि कैलिफोर्निया में प्रस्ताव 50, डेमोक्रेट्स को एक स्वतंत्र आयोग द्वारा तैयार किए गए नक्शों को नए नक्शों से बदलने की अनुमति देगा, जिनका उपयोग आगामी मध्यावधि चुनावों में किया जाएगा और राज्य में कांग्रेस के जिलों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। इस योजना से रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली अमेरिकी सदन की पांच सीटें संभावित रूप से पलट सकती हैं। डेमोक्रेट्स का तर्क है कि टेक्सास जैसे राज्यों में रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली गेरीमैंडरिंग का मुकाबला करने के लिए उनका यह प्रयास जरूरी है।
2020 का चुनाव हार गए थे ट्रंप
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रम्प, जो अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति भी थे, 2020 का चुनाव हार गए थे, जिससे बाइडेन को एक कार्यकाल के लिए सत्ता में आने का मौका मिला, जिसके बाद ट्रम्प 2024 में फिर से जीत गए। पिछले वर्षों में ट्रम्प ने बार-बार दावा किया है कि 2020 के चुनावों में धांधली हुई थी, यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि वह लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पद पर बने हुए हैं, क्योंकि उन्होंने वास्तव में चुनाव जीता था।