फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US-Europe Tensions: ग्रीनलैंड पर नरम पड़े अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, यूरोप पर टैरिफ लगाने का फैसला किया रद्द

Thu, 22 Jan 2026 01:29 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दावोस

सार

Trump Cancels Tariff Threat Over Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के कई देशों पर टैरिफ लगाने की अपनी धमकी वापस ले ली है। उन्होंने यह फैसला नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ आर्कटिक सुरक्षा को लेकर भविष्य के समझौते के एक ढांचे पर सहमति बनने के बाद लिया है।
विज्ञापन
ग्रीनलैंड पर नरम पड़े ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली है। ट्रंप ने साफ कहा कि अब वे डेनमार्क समेत किसी भी यूरोपीय देश पर ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर कोई टैरिफ नहीं लगाएंगे। पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगर ग्रीनलैंड से जुड़ी उनकी बातों को नहीं माना गया तो वे यूरोप पर आर्थिक दबाव बना सकते हैं। लेकिन अब उन्होंने अपना रुख बदलते हुए कहा है कि वे ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - World Economic Forum: 'भारत के साथ अच्छी डील होगी...', दावोस में ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे

ट्रंप ने पहले क्या कहा था?
ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर यह घोषणा की। इससे कुछ समय पहले उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपने भाषण में भी कहा था कि अब वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य ताकत इस्तेमाल करने की बात से पीछे हट रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने साफ कहा कि उनका मकसद अब भी ग्रीनलैंड को हासिल करना है। उन्होंने कहा, 'मैं ग्रीनलैंड चाहता हूं, पूरा अधिकार, मालिकाना हक और नियंत्रण के साथ।' लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि वे इसके लिए बल प्रयोग नहीं करेंगे।
विज्ञापन


यूरोपीय देशों और नाटो पर भी बरसे ट्रंप
ट्रंप ने अपने भाषण में यूरोपीय देशों और नाटो पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान और उसके बाद यूरोप को बचाया था। उनके मुताबिक, 'दशकों से हमने उन्हें जो दिया है, उसके मुकाबले यह बहुत छोटी मांग है।' उन्होंने ग्रीनलैंड को लेकर एक विवादित बयान देते हुए कहा कि वह जगह ठंडी और ठीक से स्थित नहीं है, फिर भी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि आर्कटिक इलाका भविष्य में रणनीतिक रूप से बहुत अहम होने वाला है, इसलिए ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण होना चाहिए।

'ताकत के बल पर ग्रीनलैंड हासिल कर सकते हैं'
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर वे चाहें तो ताकत के बल पर ग्रीनलैंड हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मैं ज्यादा ताकत और बल का इस्तेमाल करूं तो हमें कोई रोक नहीं सकता। लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा।' फिर उन्होंने कहा, 'मुझे इसकी जरूरत नहीं है और मैं ऐसा करना भी नहीं चाहता।' इसके साथ ही ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि नाटो को अमेरिका के विस्तारवादी इरादों में बाधा नहीं डालनी चाहिए। उनका कहना था कि अमेरिका अपने हितों को सबसे ऊपर रखेगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Iran Violence: सरकार ने कबूला हिंसा में मारे गए 3000 से ज्यादा लोग, जानें क्या है मानवाधिकार संगठनों का आंकड़ा

धमकी वापस ली लेकिन इच्छा अब भी बरकरार
कुल मिलाकर ट्रंप ने यूरोप पर टैरिफ लगाने की धमकी फिलहाल वापस ले ली है। ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने की बात कही है। लेकिन ग्रीनलैंड पर मालिकाना हक पाने की इच्छा अब भी बरकरार है। नाटो और यूरोपीय देशों पर दबाव बनाते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ने उनके लिए बहुत कुछ किया है। ट्रंप का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुले तौर पर किसी दूसरे देश के इलाके को लेने की बात इतनी स्पष्ट भाषा में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कही है, भले ही उन्होंने कहा हो कि वे बल प्रयोग नहीं करेंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें