अमेरिकी जनता के द्वारा चुने गए राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच चली लंबी चुनावी लड़ाई अब अंतिम दौर में हैं। अमेरिका के राज्य मिशिगन में जो बाइडन की जीत हुई थी, इसे लेकर ट्रंप टीम ने मतगणना को लेकर मुकदमा कर दिया था। लेकिन अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टीम मिशिगन में मुकदमा वापस ले रही है।
बाइडन को रोकने के प्रयास में ट्रंप ने मत प्रमाणन पर साधा निशाना
अदालत में मामला कहीं जाता नहीं देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडन के निर्वाचन को पलटने के प्रयास के तहत अब मतों को प्रमाणित करने वाले चुनाव बोर्डों पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। ट्रंप और उनके सहयोगी मतगणना को लेकर अनिश्चित संदेह को खत्म नही होने देना चाहते।
यह जंग उन राज्यों पर केंद्रित है जो परिणाम के लिहाज से महत्वपूर्ण थे और जिन्होंने बाइडन की जीत पर मुहर लगाई।
मिशिगन में दो रिपब्लिकन निर्वाचन अधिकारियों ने राज्य की सबसे बड़ी काउंटी में शुरू में गड़बड़ी के कोई साक्ष्य नहीं मिलने के बावजूद नतीजों को प्रमाणित करने से इनकार कर दिया, बाद में अपने कदम पीछे खींचते हुए प्रमाणन की कार्रवाई पूरी की और बुधवार को एक बार फिर अपना रुख बदलते हुए कहा कि वे प्रमाणन के खिलाफ हैं।
एरिजोना में, एक ग्रामीण काउंटी में अधिकारी मतों के मिलान में रुकावट डाल रहे हैं। इसके बावजूद मिशिगन के वायने काउंटी में मंगलवार और बुधवार को जो हुआ वह इस बात का संकेत है कि तीन नवंबर को हुए चुनावों की पुष्टि की प्रक्रिया में काम कर रहे राष्ट्र की राह में अड़चने खड़ी की जा सकती हैं।
केंटकी विश्वविद्याल में लॉ के प्रोफेसर जोशुआ डगलस ने कहा कि यह लोकतंत्र का अंत होगा जैसा कि हम जानते हैं।