US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके आने से पहले नाटो देश जीडीपी का केवल 2% योगदान दे रहे थे, लेकिन उनकी पहल से अब 5% तक दे रहे हैं और तुरंत भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के बिना नाटो कमजोर है, उन्होंने कई युद्ध खत्म कर लाखों जिंदगियां बचाईं और चीन-रूस सिर्फ मजबूत अमेरिका से डरते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देश उनकी पहल के बिना जीडीपी का केवल दो फीसदी ही योगदान दे रहे थे और अधिकतर अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा नहीं कर रहे थे। ट्रंप का दावा है कि उनकी वजह से ये देश अब जीडीपी का पांच फीसदी योगदान दे रहे हैं और अब तत्काल भुगतान करते हैं।
विज्ञापन
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, याद रखिए..नाटो के जो बड़े प्रशंसक हैं, उनके लिए बता दूं कि मेरे आने से पहले वे जीडीपी का दो फीसदी ही दे रहे थे और ज्यादातर अपने बिल तक नहीं चुका रहे थे। अमेरिका मूर्खता से उनका भुगतान कर रहा था। मैं सम्मान के साथ उन्हें जीडीपी के पांच फीसदी तक लाया और अब वे तुरंत भुगतान करते हैं। सब कहते थे कि यह नहीं हो सकता। लेकिन यह हो गया, क्योंकि बाकि अन्य से बढ़कर वे सभी मेरे मित्र हैं।
'मैंने आठ युद्ध खत्म कर लाखों जिंदगियां बचाईं'
उन्होंने आगे लिखा, मेरी भागीदारी के बिना रूस अब तक पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर चुका होता। यह भी याद रखिए कि मैंने अकेले ही आठ युद्ध खत्म किए और नाटो का सदस्य होने के बावजूद नॉर्वे ने मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया। लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता। जो मायने रखता है, वह यह है कि मैंने लाखों जिंदगियां बचाईं।
ट्रंप ने आगे कहा, रूस और चीन को बिना अमेरिका के नाटो से कोई डर नहीं है और मुझे शक है कि अगर हमें सच में जरूरत पड़ी तो नाटो हमारे लिए खड़ा होगा। सभी लोग खुशकिस्मत हैं कि मैंने अपने पहले कार्यकाल में हमारी सेना को फिर से मजबूत किया और अब भी कर रहा हूं। हम हमेशा नाटो के साथ रहेंगे, भले ही वे हमारे साथ न हों। चीन और रूस जिस एकमात्र देश से डरते और सम्मान करते हैं, वह डीजेटी (डोनाल्ड जे. ट्रंप) द्वारा पुनर्निर्मित अमेरिका है। अमेरिका को फिर से महान बनाओ (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन)।