साल 1972 में जब जो बाइडन अमेरिका के सबसे युवा सीनेटरों में से एक के तौर पर चुने गए थे, सब उन्हें मिलने वाले सबसे पहले पत्रों में एक मुंबई (तब बॉम्बे) से भेजा गया था। यह पत्र भेजने वाले का अंतिम नाम भी बाइडन ही था। करीब पांच साल पहले जो को पता चला था कि मुंबई में पांच बाइडन हैं। हालांकि, इन पांचों के जो से किसी संबंध की जानकारी नहीं मिल पाई थी।
इस 'बाइडन फ्रॉम मुंबई' ने अपने पत्र में जो को डेलावेयर से चुनाव जीतने पर बधाई दी थी और कहा था कि वह दोनों एक-दूसरे से संबंधित हैं। हालांकि, बाइडन के इस मुंबई कनेक्शन की भी तस्वीर कभी साफ नहीं हो पाई। लेकिन, बाइडन जब भी भारतीय नेताओं से या भारतीय-अमेरिकी समुदाय से मिलते हैं तो बाइडन फ्रॉम मुंबई की चर्चा करना नहीं भूलते हैं।