अमेरिका ने शिनजियांग क्षेत्र में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को उजागर करने वाले एक चीनी नागरिक को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने गुआन हेंग नामक चीनी नागरिक को निर्वासित करने की योजना को वापस ले लिया है। इस फैसले का मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है।
मानवाधिकार वकील रेहान असत ने बताया कि गुआन हेंग के वकील को अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक पत्र मिला है, जिसमें निर्वासन की प्रक्रिया को रोकने की पुष्टि की गई है। असत के अनुसार, अब गुआन का शरण आवेदन सकारात्मक और सुचारू रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद है। चीनी मानवाधिकार संगठन के कार्यकारी निदेशक झोउ फेंगसू ने भी इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा हम बेहद खुश हैं। यह मानवाधिकारों के पक्ष में अहम फैसला है।
शिनजियांग में क्या किया था गुआन हेंग ने?
गुआन हेंग ने साल 2020 में शिनजियांग के कथित हिरासत शिविरों का गुप्त रूप से वीडियो बनाया था। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इन शिविरों में उइगर समेत करीब 10 लाख अल्पसंख्यकों को बंद किया गया है। चीन सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। वीडियो सार्वजनिक करना चीन में संभव न होने के कारण गुआन 2021 में देश छोड़कर पहले हांगकांग और फिर इक्वाडोर पहुंचे। वहां से समुद्री रास्ते अमेरिका पहुंचे और बाद में वीडियो यूट्यूब पर जारी किया गया।
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परिवार पर बढ़ा दबाव
वीडियो सामने आने के बाद गुआन की पहचान उजागर हो गई और चीन में उनके परिवार को सुरक्षा एजेंसियों ने तलब किया। इसके बाद गुआन ने अमेरिका में शरण मांगी और न्यूयॉर्क के पास एक छोटे शहर में रहने लगे। हालांकि, अगस्त में उन्हें इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट ने हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनके निर्वासन की आशंका बढ़ गई थी।
अमेरिकी सांसदों का समर्थन
गुआन के समर्थन में अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्य सामने आए। टॉम लैंटोस मानवाधिकार आयोग ने कहा कि गुआन ने उइगरों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को उजागर करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। डेमोक्रेट सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने गृह सुरक्षा मंत्री को पत्र लिखकर गुआन को रिहा करने और उन्हें शरण देने की मांग की थी। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, गुआन हेंग की जमानत और रिहाई की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका अब उन्हें सुरक्षित शरण देगा।