अमेरिका से स्व-निर्वासित हुई भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन ने कोलंबिया विश्वविद्यालय पर धोखा देने का आरोप लगाया है। रंजनी फिलहाल कनाडा में है और उसने विश्वविद्यालय प्रशासन से उसे फिर से दाखिला देने पर विचार करने को कहा है।
अमेरिका से स्व-निर्वासित हुई भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर धोखा देने का आरोप लगाया है। रंजनी श्रीनिवासन (37 वर्षीय) कोलंबिया विश्वविद्यालय में पीएचडी की छात्रा थी, लेकिन हमास की समर्थक होने के आरोप में उसका वीजा ट्रंप प्रशासन ने निरस्त कर दिया, जिसके बाद रंजनी ने खुद को अमेरिका से स्व-निर्वासित कर लिया और फिलहाल कनाडा में मौजूद है।
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क्या बोली रंजनी श्रीनिवासन
अल जजीरा न्यूज चैनल के साथ बातचीत में रंजनी ने कहा कि मैंने कोलंबिया विश्वविद्यालय में पांच साल बिताए, लेकिन मैंने ये कभी उम्मीद नहीं की थी कि मेरा संस्थान मुझे इस तरह से धोखा देगा, लेकिन ऐसा हुआ। रंजनी को अमेरिका की प्रतिष्ठित फुलब्राइट स्कॉलरशिप मिली है, जिसके आधार पर वह कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई कर रही थी। जब अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों में इस्राइल के गाजा में हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए तो उनमें रंजनी भी शामिल थी। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों पर हमास समर्थक होने के आरोप लगाकर कार्रवाई की गई। कई छात्रों के वीजा निरस्त कर उन्हें निर्वासित कर दिया गया है या फिर निर्वासित करने की तैयारी है।
रंजनी का एफ-1 वीजा भी ट्रंप प्रशासन ने निरस्त कर दिया, जिसके बाद सरकार द्वारा निर्वासित किए जाने से पहले ही रंजनी खुद अमेरिका छोड़कर कनाडा चली गई। रंजनी ने कहा है कि 'मुझे उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को अक्ल आएगी और वे फिर से मुझे दाखिला देंगे।'
रंजनी ने बताया उसे हिरासत में लेने की हुई थी कोशिश
रंजनी ने बताया कि 5 मार्च को चेन्नई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से उसे एक ईमेल मिला, जिसमें कहा गया कि उसका छात्र वीजा अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दिया गया है। जब उसने इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के एजेंट उसे हिरासत में लेने के लिए उसके घर पहुंच गए, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। अगली शाम एजेंट फिर उसके घर आए, लेकिन वह घर पर नहीं होने के चलते बच गई। इसके बाद जब एक अन्य छात्र महमूद खलील को हिरासत में लिया गया तो छात्रों में हड़बड़ी फैल गई। इसके बाद रंजनी अमेरिका से भाग निकली।