अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत ने रविवार को दक्षिण चीन सागर में 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' ऑपरेशन किया है। ये जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी सेना के प्रवक्ता के हवाले से दी है।
डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका ने बीजिंग के समुद्री दावों को चुनौती देते हुए चीन के प्रभाव क्षेत्र वाले द्वीपों के पास यातायात की आजादी (फ्रीडम ऑफ नेविगेशन) के लिए ऐसे कई अभियान संचालित किए हैं।
भारत और सिंगापुर ने भी किया अभ्यास
भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं ने भी रविवार को ही दक्षिण चीन सागर में द्विपक्षीय अभ्यास किया है। ये अभ्यास 22 मई तक चलने वाला है। भारतीय नौसेना के जहाजों- कोलकाता और शक्ति ने लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान पोसीडॉन-81 के साथ इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
सिंगापुर की ओर से उसके आएसएन जहाजों- स्टीडफास्ट और वैलिएंट ने समुद्री गश्ती विमान फोकर-50 और एफ-16 लड़ाकू विमान के साथ इस अभ्यास में भाग लिया।
नौसेना ने एक बयान में बताया कि द्विपक्षीय समुद्री रक्षा शो 'आईएमडेक्स- 19' के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद आईएनएस कोलकाता और आईएनएस शक्ति 16 से 22 मई के दौरान वार्षिक सिम्बेक्स-2019 (सिंगापुर इंडिया मैरीटाइम बायलेट्रल एक्सरसाइज) में हिस्सा लेने सिंगापुर में ठहर गए थे।
बता दें दक्षिण चीन सागर में कई देश अपनी दावेदारी करते हैं और वहां चीनी नौसेना अपना दबदबा बनाने का प्रयास करती है।