अमेरिका के राष्ट्रीय श्रम बोर्ड ने पिछले साल अमेजन कंपनी ने दो महिला कर्मियों को गैर-कानूनी ढंग से निकालने की पुष्टि की है। एमिली कनिंघम और मारन कोस्टा नामक दोनों कर्मचारियों ने सिएटल स्थित अमेजन के दफ्तरों में काम किया और सार्वजनिक रूप से कंपनी की आलोचना की। जबकि अमेजन ने कहा कि इन कर्मचारियों को बार-बार आंतरिक नीतियों का उल्लंघन करने पर निकाला गया।
यह मामला चूंकि जलवायु परिवर्तन पर सुझावों से जुड़ा है इसलिए इसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। दरअसल, एमिली कनिंघम और मारन कोस्टा ने कंपनी को जलवायु परिवर्तन पर अपने असर को कम करने के लिए और कंपनी के गोदामों में काम करने वाले मजदूरों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए और बेहतर कदम उठाने के लिए कहा था।
कनिंघम ने राष्ट्रीय श्रम बोर्ड से मिले एक ईमेल को साझा करते हुए बताया कि अमेजन ने दोनों कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन किया था। बोर्ड ने खुद भी कहा है कि मामला महत्वपूर्ण है और यदि अमेजन ने इसका समाधान नहीं किया तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की जाएगी। कनिंघम ने कहा कि कंपनी ने हमारी आवाज दबाने की कोशिश की लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई।
वार्ता से पहले कंपनी ने की कार्रवाई
अमेजन में कर्मचारियों का एक समूह चाहता था कि विशाल कार्बन फुटप्रिंट वाली यह कंपनी जलवायु परिवर्तन के खिलाफ और कदम उठाए और तेल और गैस कंपनियों के साथ व्यापार बंद कर दे। लेकिन कोस्टा और कनिंघम की वार्ता योजना से पहले ही कंपनी ने उन्हें हटा दिया। अब बोर्ड को यदि कंपनी सही जवाब नहीं दे पाई तो अमेजन को इन कर्मियों को हर्जाना देते हुए नौकरी पर वापस लेना होगा।