सार
जनवरी में मिनियापोलिस में हुई शूटिंग के मामले में एक वीडियो सामने आया है, जिसने अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की गवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दो वेनेजुएला नागरिक और अधिकारी झड़प में दिखते हैं, जिसमें एक व्यक्ति को गोली लगी। फरवरी में आरोप हटा दिए गए थे, लेकिन अब शक है कि क्या अधिकारियों ने अदालत में सही बयान दिया था?
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रवासन नीति पर बीते कई महीनों से विवाद और सवाल खूब खड़े हो रहे हैं। इसी बीच अब मिनियापोलिस शहर से जारी एक वीडियो ने इस पूरे मामले में एक नया मोड़ दे दिया है। यह वीडियो जनवरी की एक घटना का है, जिसमें संघीय अधिकारियों और दो वेनेजुएला नागरिकों के बीच चेज और झड़प हुई थी और एक व्यक्ति को गोली लगी थी। इसके बाद इस मामले में शामिल दो संघीय अधिकारी जो ट्रंप प्रशासन के अप्रवासन अभियान में थे, उन्हें निलंबित कर दिया गया था। ऐसे में अब सामने आए इस वीडियो ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि संघीय अधिकारियों के दावों और वास्तविक घटना में क्या अंतर था।
बता दें कि वीडियो शहर के सुरक्षा कैमरे का है। इसमें दिखाया गया है कि संघीय अधिकारी एक वेनेजुएला नागरिक का पीछा उसके घर तक करते हैं और फिर वहां एक और वेनेजुएला नागरिक पर गोली चली। हालांकि बीते फरवरी में संघीय अधिकारियों ने दोनों आप्रवासियों के खिलाफ सभी आरोप वापस ले लिए। इसके साथ ही मामले में यह जांच शुरू हुई कि क्या दो अप्रवासन अधिकारियों ने अदालत में झूठ बोला। वहीं मिनियापोलिस के मेयर जेकब फ्री ने कहा कि वीडियो दिखाता है कि संघीय सरकार के बयान और वास्तविक घटना में अंतर है।
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अब समझिए जारी वीडियो में क्या-क्या?
वीडियो अंधेरे में, दूरी से शूट किया गया है। इसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति स्नो शावल (बर्फ हटाने वाला झाड़ू) लेकर खड़ा है। फिर वह घर की ओर जाता है और शावल को फेंक देता है। सड़क से एक और व्यक्ति दौड़ते हुए घर की तरफ आता है। वह गिरता है, उठता है और आगे बढ़ता है। फिर तीनों लोग लगभग 10 सेकंड तक घर के सामने झड़प करते हैं। जारी वीडियो में गोली चलने का सही पल स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा वीडियो में एक कार आती है और अन्य लोग भी घटना स्थल पर आते हैं। कैमरा पैन होता है, जो दिखाता है कि किसी ने इसे रीयल टाइम में कंट्रोल किया।
अधिकारी निलंबित हुए और फिर जांच
वेनेजुएला के दोनों आप्रवासी अल्फ्रेडो अलजॉर्ना और जूलियो सेसर सोसा-सेलिस पर पहले आरोप लगे थे। बाद में नए सबूत मिलने के कारण सभी आरोप हटाए गए। मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका का आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने कहा कि दोनों अधिकारी झूठ बोलने के आरोप में अस्थायी निलंबन पर हैं। जांच पूरी होने के बाद उन्हें नौकरी से निकाला जा सकता है और उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी बन सकता है।
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अब क्या है दोनों आप्रवासियों का हाल?
गौरतलब है कि दोनों आप्रवासी अभी कानूनी रूप से स्वतंत्र हैं। उन्हें पहले रिहा किया गया, फिर आईसीई ने उन्हें गिरफ्तार किया और कोर्ट के आदेश पर फिर से रिहा किया। इतना ही नहीं राज्य और काउंटी के अभियोजक संघीय अधिकारियों से जानकारी साझा न करने पर नाराज हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन को साक्ष्य देने के लिए अदालत में केस भी दायर किया है। हेनेपिन काउंटी अटॉर्नी ऑफिस ने कहा कि जांच अभी जारी है, इसलिए वीडियो पर कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।