ट्रंप प्रशासन का प्रयास है कि अमेरिकी सैनिकों को देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार मिल जाए। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पदभार ग्रहण करने के पहले दिन घोषित सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल अधिकार के तहत उठाया गया है।
अमेरिकी सेना ने न्यू मेक्सिको के रेगिस्तान में अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में नारंगी रंग के नो-एंट्री संकेत लगा दिए हैं। उसने न्यू मैक्सिको और पश्चिमी टेक्सास में हजारों चेतावनियां लगाई हैं, जिसमें क्षेत्र को कमांडर के अधिकार द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है और सीमा के एक-तिहाई लंबे हिस्से को सेना की निगरानी में ला दिया है।
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यह एक बड़े बदलाव का हिस्सा है। इससे देश में अवैध प्रवेश करने वालों को हिरासत में लेने की आशंका के बीच विवाद बढ़ गया है। ट्रंप प्रशासन का प्रयास है कि अमेरिकी सैनिकों को देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार मिल जाए। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पदभार ग्रहण करने के पहले दिन घोषित सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल अधिकार के तहत उठाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सीमा प्रवर्तन में अंतराल को बंद करने और मानव तस्करी नेटवर्क तथा क्रूर ड्रग कार्टेल के खिलाफ व्यापक लड़ाई छेड़ने के लिए इन क्षेत्रों की आवश्यकता है।
सैन्यीकरण को अदालत में दी जा रही चुनौती
सैन्यीकरण को अदालत में चुनौती दी जा रही है, तथा नागरिक अधिकार अधिवक्ताओं, मानवीय सहायता समूहों और आउटडोर उत्साही लोगों द्वारा इसकी आलोचना की गई है। इसके तहत सैनिकों को खुली छूट देते हुए सार्वजनिक भूमि के प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर आपत्ति जताई गई है।
प्रवासियों की मृत्यु दर बढ़ी
लापता प्रवासियों के लिए खोज और बचाव समूह की नेता एबी कारपेंटर ने कहा कि रेगिस्तान के उन हिस्सों में लोगों की पहुंच को रोका जा रहा है जहां प्रवासियों की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। हो सकता है कि और भी मौतें हुई हों, लेकिन हमें नहीं पता। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दो सैन्यीकृत क्षेत्र 230 मील की सीमा पर एक बफर बनाते हैं, जो टेक्सास के फोर्ट हैनकॉक से लेकर एल पासो और पश्चिम की ओर विशाल न्यू मेक्सिको खेत-खलिहानों तक फैला हुआ है। यहां 7,600 सैनिक गश्त करते हैं।