अमेरिका और क्यूबा के बीच बढ़ते तनाव के बीच क्यूबा के तट के पास अमेरिकी सैन्य खुफिया गतिविधियों में हाल के महीनों में अचानक तेजी देखी गई है। सोमवार को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने वाली उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्ट में फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के सार्वजनिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि 4 फरवरी से अब तक अमेरिकी नौसेना और वायुसेना कम से कम 25 निगरानी उड़ानें संचालित कर चुकी हैं। इनमें ज्यादातर उड़ानें क्यूबा की राजधानी हवाना और सैंटियागो डी क्यूबा के आसपास देखी गईं। कुछ विमान क्यूबा के तट से महज 40 मील यानी करीब 64 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गए।
रिपोर्ट के अनुसार, इन उड़ानों की बढ़ती संख्या और क्यूबा के तट के इतने करीब पहुंचना असामान्य माना जा रहा है। फरवरी से पहले इस क्षेत्र में इस तरह की सार्वजनिक सैन्य गतिविधियां बहुत कम देखने को मिलती थीं। सीएनएन ने adsb.exposed के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि क्यूबा के आसपास इस तरह की सैन्य तैनाती अमेरिकी गतिविधियों के पुराने पैटर्न से अलग है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा के खिलाफ अपनी बयानबाजी तेज कर दी है। जनवरी में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर फॉक्स न्यूज के योगदानकर्ता मार्क थीसेन की एक टिप्पणी साझा की थी, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप अपने कार्यकाल खत्म होने से पहले फ्री हवाना का दौरा करेंगे। इसके कुछ दिनों बाद ही ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर तेल नाकेबंदी लागू करने का आदेश दिया था।
पिछले सप्ताह अमेरिका ने क्यूबा की प्रमुख आर्थिक संस्थाओं पर नए प्रतिबंध भी लगाए। इनमें क्यूबा-कनाडा की एक संयुक्त खनन कंपनी और क्यूबा की सेना द्वारा संचालित कारोबारी समूह शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये संस्थाएं अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरा हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वेनेजुएला और ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों से पहले भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला था, जहां अमेरिकी बयानबाजी के साथ-साथ निगरानी उड़ानों में भी तेजी आई थी।