US Midterm Polls: डोनाल्ड ट्रंप-जो बाइडन
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जिसे जो बाइडन के दुःस्वप्न के साकार होने की रात होने का अनुमान लगाया था, वह असल में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बुरी रात साबित हुई। अमेरिका के मिड टर्म चुनावों में पूर्व अनुमानों के मुताबिक रिपब्लिकन पार्टी बड़ी जीत हासिल नहीं कर पाई। लेकिन ट्रंप को इससे भी बड़ा झटका इस बात से लगा है कि जिन उम्मीदवारों को उन्होंने अपना खास समर्थन दिया था, उनमें से ज्यादातर हार गए। उनमें डॉ. मेहमत ओजेड भी शामिल हैं, जो पेन्सिलवेनिया राज्य में सीनेट के लिए चुनाव में पराजित हुए।
ट्रंप को दूसरा बड़ा झटका फ्लोरिडा के रिपब्लिकन गवर्नर रॉन डिसैंटिस की भारी जीत से लगा है। डिसैंटिस को रिपब्लिकन पार्टी का उभरता सितारा समझा जाता है। ये कयास पहले से हैं कि वे 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवारी पर दावा करेंगे। डिसैंटिस की जीत में एक बड़ा पहलू लैटिनो (लैटिन अमेरिकी देशों से आकर बसे) मतदाताओं का रहा। इससे यह धारणा बनी है कि अगर डिसैंटिस उम्मीदवार बने, तो इस समुदाय के करोड़ों मतदाताओं का समर्थन रिपब्लिकन पार्टी को मिल सकता है।
मिड टर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की बड़ी जीत के लगाए जा रहे अनुमान से उत्साहित ट्रंप ने संकेत दिया था कि वे 15 नवंबर को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान करेंगे। इसके अलावा इस वर्ष मिड टर्म चुनावों के लिए रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी में जीतने के लिए ट्रंप के समर्थन को जरूरी माना गया था। अमेरिका में पार्टियां अपने अंदर चुनाव के जरिए उम्मीदवारों का चयन करती हैं। इस चुनाव को प्राइमरी कहा जाता है।
प्राइमरी के दौरान ट्रंप ने अपने कई खास लोगों को मैदान में उतारा और उन्हें विजयी बनाने में सफल रहे। इनमें डॉ. ओजेड और पेन्सिल्वेनिया के गवर्नर पद के उम्मीदवार डग मास्त्रियानो को उनका खास अनुयायी माना जाता है। लेकिन ये दोनों हार गए। इसी तरह न्यू हैम्पशर राज्य में ट्रंप के उम्मीदवार डॉन बोल्डुक को सीनेट चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के चुनाव में भी उनके कई खास उम्मीदवारों की पराजय हुई है।
विश्लेषकों की राय है कि ताजा नतीजों के बाद ट्रंप के लिए 2024 के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी हासिल करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। खास कर यह देखते हुए डिसैंटिस के रूप में उनके खिलाफ एक बड़ा दावेदार उभर आया है। इस आशंका से परिचित ट्रंप ने बुधवार को डिसैंटिस को संदेश भेजा कि वे 2024 में राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की कोशिश न करें। पहले डिसैंटिस को ट्रंप का समर्थक माना जाता था। लेकिन अब समझा जाता है कि उनका रुख बदल सकता है।
फ्लोरिडा राज्य की रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रणनीति में हमेशा ही महत्त्व स्थान रहा है। इस राज्य में कई काउंटी (जिले) ऐसे हैं, जहां लैटिन मतदाताओं की बहुसंख्या है। उन काउंटीज में ज्यादातर मौकों पर डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती थी। राज्य के बाकी इलाकों को रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ समझा जाता था। इस कारण यह राज्य में चुनावी पलड़ा दोनों प्रमुख दलों के बीच झूलता रहता था। लेकिन इस बार लैटिनो काउंटीज में डिसैंटिस ने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी को 11 से 20 फीसदी वोटों के अंतर से परास्त किया। इससे उन्हें भारी जीत मिली। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि इस नतीजे से लैटिनो मतदाताओं अपनी तरफ खींचन की डिसैंटिस की क्षमता सामने आई है। यह बात अगले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार तय करने में निर्णायक पहलू बन सकता है। यह ट्रंप के लिए तगड़ा झटका है।