अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप के बयान और भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की पसंद चर्चा में हैं। सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स को अधिक समर्थन मिला है। वहीं, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल के सामने भारतवंशी उम्मीदवार हैं। चुनावी मुकाबले में इन समीकरणों की क्या भूमिका होगी? आइए, जानते हैं...
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की सरगर्मी के बीच भारतीय मूल के मतदाताओं की पसंद पर भी सबकी नजर है। कार्नेगी व यूगोव के इंडियन अमेरिकन एटीट्यूड्स सर्वे में 46% भारतीय-अमेरिकियों ने डेमोक्रेट को अपनी पसंदीदा पार्टी बताया। 19% ने खुद को रिपब्लिकन और 29% ने दोनों का विरोधी बताया।
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मैदान में भारतवंशी आमने-सामने
डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रो खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें जिले से दोबारा जीतने की कोशिश में हैं। उनके सामने रिपब्लिकन रितेश टंडन हैं, जिससे भारतीय मूल के दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हो गया है। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल वॉशिंगटन के 7वें जिले से एक और कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं। उन्हें चुनौती दे रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव सेठ भी भारतीय मूल के ही हैं।
सीनेट चुनाव के लिए
डेमोक्रेट समर्थक 66%
रिपब्लिकन समर्थक 22%
प्रतिनिधि सभा के लिए
डेमोक्रेट समर्थक 66%
रिपब्लिकन समर्थक 18%
(स्रोत-एशियन अमेरिकन वोटर सर्वे)
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अब्दुल जीते तो जिहादियों की बाढ़ आ जाएगी: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्यावधि चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए आक्रामक और विवादित बयानों का सहारा लेने में जुटे हैं। उन्होंने रविवार को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान इस्लाम विरोधी बयान देकर रिपब्लिकन मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश की।
उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार डॉ. अब्दुल अल-सईद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जीत से अमेरिका में जिहादियों की बाढ़ आ जाएगी। ट्रंप ने कहा कि अल-सईद और डेमोक्रेट जीतते हैं तो अमेरिका के दरवाजे जिहादियों के लिए खुल जाएंगे। वहीं, फ्रांस में हालिया हिंसा के लिए एक बार फिर मुस्लिम प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने अल-सईद को मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य भी बताया। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में कोई आधार नहीं दिया। अमेरिका में जन्मे अल-सईद इन आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। उनके सहयोगियों ने ट्रंप के बयानों को इस्लाम विरोधी और नस्लवादी बताया। ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार ने मिलने पर न केवल नार्वे पर निशाना साधा, बल्कि उसके लिए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। ट्रंप ने कहा-मैंने आठ जंग रुकवाई। फिर भी मुझे नोबेल नहीं मिला। मैं नॉर्वे से किसी को यहां आने देना नहीं चाहता। उन्होंने ट्रंप को घटिया देश करार दिया।