फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: सर्वे में डेमोक्रेट को बढ़त, मैदान में भारतीय मूल के उम्मीदवार भी; भारतवंशी किसके साथ?

Tue, 27 Oct 2026 06:56 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, न्यूयॉर्क।

सार

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप के बयान और भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं की पसंद चर्चा में हैं। सर्वेक्षणों में डेमोक्रेट्स को अधिक समर्थन मिला है। वहीं, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल के सामने भारतवंशी उम्मीदवार हैं। चुनावी मुकाबले में इन समीकरणों की क्या भूमिका होगी? आइए, जानते हैं...
विज्ञापन
भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के रुझान पर नजर - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की सरगर्मी के बीच भारतीय मूल के मतदाताओं की पसंद पर भी सबकी नजर है। कार्नेगी व यूगोव के इंडियन अमेरिकन एटीट्यूड्स सर्वे में 46% भारतीय-अमेरिकियों ने डेमोक्रेट को अपनी पसंदीदा पार्टी बताया। 19% ने खुद को रिपब्लिकन और 29% ने दोनों का विरोधी बताया।

विज्ञापन


मैदान में भारतवंशी आमने-सामने
डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रो खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें जिले से दोबारा जीतने की कोशिश में हैं। उनके सामने रिपब्लिकन रितेश टंडन हैं, जिससे भारतीय मूल के दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हो गया है। डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि प्रमिला जयपाल वॉशिंगटन के 7वें जिले से एक और कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में हैं। उन्हें चुनौती दे रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव सेठ भी भारतीय मूल के ही हैं।

सीनेट चुनाव के लिए

  • डेमोक्रेट समर्थक 66%
  • रिपब्लिकन समर्थक  22%

प्रतिनिधि सभा के लिए

  • डेमोक्रेट समर्थक 66%
  • रिपब्लिकन समर्थक  18%

(स्रोत-एशियन अमेरिकन वोटर सर्वे)

विज्ञापन


अब्दुल जीते तो जिहादियों की बाढ़ आ जाएगी: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्यावधि चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए आक्रामक और विवादित बयानों का सहारा लेने में जुटे हैं। उन्होंने रविवार को मिशिगन में एक चुनावी रैली के दौरान इस्लाम विरोधी बयान देकर रिपब्लिकन मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश की।

उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार डॉ. अब्दुल अल-सईद पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी जीत से अमेरिका में जिहादियों की बाढ़ आ जाएगी। ट्रंप ने कहा कि अल-सईद और डेमोक्रेट जीतते हैं तो अमेरिका के दरवाजे जिहादियों के लिए खुल जाएंगे। वहीं, फ्रांस में हालिया हिंसा के लिए एक बार फिर मुस्लिम प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया।

ट्रंप ने अल-सईद को मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य भी बताया। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में कोई आधार नहीं दिया। अमेरिका में जन्मे अल-सईद इन आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। उनके सहयोगियों ने ट्रंप के बयानों को इस्लाम विरोधी और नस्लवादी बताया। ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार ने मिलने पर न केवल नार्वे पर निशाना साधा, बल्कि उसके लिए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। ट्रंप ने कहा-मैंने आठ जंग रुकवाई। फिर भी मुझे नोबेल नहीं मिला। मैं नॉर्वे से किसी को यहां आने देना नहीं चाहता। उन्होंने ट्रंप को घटिया देश करार दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें