अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले डेमोक्रेट उम्मीदवार कई अहम सीनेट मुकाबलों में चंदा जुटाने के मामले में रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वियों से आगे दिख रहे हैं। दूसरी ओर, दिग्गज कारोबारी एलन मस्क और बड़े राजनीतिक समूहों से रिपब्लिकन खेमे को भारी आर्थिक मदद मिल रही है। आखिर इस चुनाव में चंदे और विज्ञापनों पर कितने अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले चंदा जुटाने में डेमोक्रेट उम्मीदवार आगे नजर आ रहे हैं। सीनेट के कई अहम मुकाबलों में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिद्वंद्वियों से ज्यादा पैसा जुटाया है। रिपब्लिकन को एलन मस्क जैसे अरबपतियों और बड़े राजनीतिक समूहों से भारी आर्थिक मदद मिल रही है। अमेरिकी चुनाव आयोग के दस्तावेजों बताते हैं कि जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान डेमोक्रेट्स कई प्रमुख सीटों पर बढ़त बनाते दिखे। nटेक्सास में डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने 60.2 मिलियन डॉलर जुटाए, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केन पैक्सटन को 10.2 मिलियन डॉलर मिले। मिशिगन, ओहायो और मेन में भी डेमोक्रेट्स ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से अधिक राशि जुटाई।
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मस्क सबसे बड़े दानदाता
सीधे मिलने वाले चंदे में भले डेमोक्रेट आगे हों, लेकिन रिपब्लिकन समर्थक सुपर पीएसी (चंदा जुटाने वाले बड़े समूह) ने रिकॉर्ड रकम जुटाई है। सीनेट लीडरशिप फंड ने 272.9 मिलियन डॉलर जुटाए, जो डेमोक्रेट्स की समकक्ष संस्था से करीब 122 मिलियन डॉलर ज्यादा है। वहीं, कांग्रेसनल लीडरशिप फंड ने 94.4 मिलियन डॉलर जुटाए।
एलन मस्क सबसे बड़े दानदाता बनकर उभरे हैं। उन्होंने संघीय राजनीतिक समूहों को 276 मिलियन डॉलर दिए हैं। 158 मिलियन डॉलर सीनेट लीडरशिप फंड को और 89 मिलियन डॉलर अमेरिका पीएसी को दिए।
8.9 अरब डॉलर खर्च हुए थे 2022 के मध्यवधि चुनाव में।
11.2 अरब डॉलर खर्चे गए 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में।
विज्ञापन खर्च में भी बने रिकॉर्ड
विज्ञापन विश्लेषण फर्म एडइंपैक्ट के मुताबिक, 2025-26 के चुनाव चक्र में राजनीतिक विज्ञापनों पर 11.6 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है, जो इसे अमेरिका का अब तक का सबसे महंगा चुनाव बनाता है। अमेरिकी संसद के चुनावों के लिए अब तक 3.8 अरब डॉलर के विज्ञापन प्रसारित हो चुके हैं। यह आंकड़ा 2024 के चुनाव के मुकाबले 870 मिलियन डॉलर अधिक है।