डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
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अमेरिकी न्याय विभाग ने कैलिफोर्निया की सभी काउंटियों के चुनाव अधिकारियों को पत्र भेजकर मतदाता सूची में शामिल संभावित गैर-अमेरिकी नागरिकों की पहचान करने और उनके डाक मतपत्र अलग रखने की मांग की है। शुक्रवार को भेजे गए इन पत्रों में चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों को संघीय स्तर पर कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है।
यह कार्रवाई 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव से करीब डेढ़ सप्ताह पहले की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन देश के अलग-अलग राज्यों में गैर-अमेरिकी नागरिकों के मतदान की जांच के लिए अभियान चला रहा है। हालांकि, कई राज्यों में गैर-अमेरिकी नागरिकों के बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में शामिल होने या मतदान करने के दावों पर सवाल उठे हैं। कैलिफोर्निया में चुनाव के लिए डाक मतपत्रों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
कैलिफोर्निया में 20 हजार डाक मतपत्रों पर विवाद
पिछले सप्ताह ट्रंप प्रशासन ने कैलिफोर्निया के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इसमें 20 हजार से अधिक डाक मतपत्रों की गिनती अस्थायी रूप से रोकने की मांग की गई थी।
48 घंटे में नागरिकता की पुष्टि करने को कहा
न्याय विभाग के पत्र में ऐसे लोगों की सूची भी शामिल है, जिन्हें एजेंसी के अनुसार अवैध रूप से मतदाता के तौर पर पंजीकृत किया गया हो सकता है। पत्र में स्थानीय चुनाव अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर संघीय सरकार के साथ मिलकर यह पता लगाने को कहा गया है कि सूची में शामिल कौन नागरिक है और कौन नहीं।
डोनाल्ड ट्रंप का चुनावी दांव: 250% टैरिफ की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारी शुल्क लगाने की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुआ सैन्य संघर्ष रुकवाया था। हालांकि, भारत अमेरिकी मध्यस्थता के दावे को लगातार खारिज करता रहा है। ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक चुनावी रैली में कहा, दोनों परमाणु हथियार संपन्न देश लड़ाई रोकने को तैयार नहीं थे। मैंने दोनों देशों से कहा था कि अगर उन्होंने लड़ाई जारी रखी तो अमेरिका के साथ व्यापार नहीं कर सकेंगे। मैंने दोनों देशों को 250% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। दोनों देश नाराज थे लेकिन मेरी धमकी के बाद उन्होंने गोलीबारी रोक दी और युद्ध समाप्त हो गया।