अमेरिकी संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और उच्च सदन और उच्च सदन (सीनेट) का मौजूदा हाल।
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पहले जानें- अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से इतर मध्यावधि चुनाव क्यों होते हैं?
- अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव हर चार साल में आयोजित किया जाता है। दूसरी तरफ राष्ट्रपति के कार्यकाल के ठीक आधे रास्ते यानी दो वर्ष बाद भी चुनाव कराए जाते हैं, जिन्हें मध्यावधि चुनाव कहा जाता है।
- मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति पद के लिए नहीं, बल्कि अमेरिकी संसद- कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) और सीनेट (उच्च सदन) का नियंत्रण तय करने के लिए होते हैं।
1. सांसदों के कार्यकाल और चुनावी चक्र में अंतर के लिए
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन): इसके सभी 435 सदस्यों का कार्यकाल केवल दो साल का होता है। इसलिए, राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच में भी सभी सीटों पर फिर से चुनाव होते हैं।
सीनेट (उच्च सदन): 100 सीट वाली सीनेट में सांसदों (सीनेटरों) का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, लेकिन इनके चुनाव चरणबद्ध होते हैं। हर दो साल में सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों- 35 पर चुनाव कराए जाते हैं। यानी 35 सीटों पर अभी और 35 सीटों पर राष्ट्रपति चुनाव के साथ।
गवर्नर और स्थानीय चुनाव: अमेरिकी संसद के अलावा अमेरिका के 50 राज्यों में से 36 राज्यों में गवर्नर, राज्य विधायिकाओं और स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों का चुनाव भी मध्यावधि चुनाव का हिस्सा होते हैं।
2. शक्तियों का संतुलन और विधायी नियंत्रण
- अमेरिकी व्यवस्था में संसद (कांग्रेस) देश के लिए कानून बनाती है, संघीय बजट और खर्च को नियंत्रित करती है और राष्ट्रपति की कार्यशैली पर निगरानी रखती है।
- मध्यावधि चुनाव जनता को यह मौका देते हैं कि वे तय करें कि संसद के किस सदन पर किस राजनीतिक दल का बहुमत रहेगा।
- इससे यह निर्धारित होता है कि राष्ट्रपति के पास अपने बचे हुए दो वर्षों के कार्यकाल में नीतियां, कानून और बजट पास कराने की कितनी स्वतंत्रता या चुनौती होगी।
- अगर विपक्षी दल किसी भी सदन में बहुमत हासिल कर लेता है, तो वह राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे को बाधित कर सकता है और प्रशासन की जांच शुरू कर सकता है।
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3. राष्ट्रपति के प्रदर्शन पर जनमत संग्रह
मध्यावधि चुनाव को सत्तारूढ़ राष्ट्रपति के शुरुआती दो वर्षों के कामकाज और नीतियों पर जनता का एक जनमत संग्रह भी माना जाता है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव।
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रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनाव में क्या दांव पर?
1. रिपब्लिकन पार्टी के लिए
रिपब्लिकन पार्टी को दो साल पहले न सिर्फ राष्ट्रपति चुनाव में जीत मिली थी, बल्कि संसद के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में भी मामूली बहुमत मिल गया था। चूंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (कार्यकारिणी) के फैसलों को संसद (विधायिका) से मंजूरी की जरूरत होती है, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत ट्रंप के निर्णयों को लागू करने में अहम साबित हो रहा था।
- अगर रिपब्लिकन पार्टी किसी भी एक सदन में बहुमत खो देती है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घरेलू विधायी एजेंडे, आर्थिक नीतियों और बजट प्रस्तावों पर ब्रेक लग सकता है।
- संसद पर नियंत्रण रहने की वजह से रिपब्लिकन ट्रंप प्रशासन के खिलाफ डेमोक्रेट्स की ओर से संसदीय जांचों, समन और महाभियोग की कोशिशों को रोक सकती है।
- सीनेट में बहुमत से रिपब्लिकन पार्टी राष्ट्रपति की ओर से नामित संघीय जजों, सुप्रीम कोर्ट के जजों, कैबिनेट मंत्रियों और राजदूतों की नियुक्ति आसानी से करा सकती है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव।
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महाभियोग की शक्ति
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स के पास राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने का अधिकार आ जाएगा। हालांकि, उन्हें राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।
विदेश नीति में परिवर्तन
अगर संसद में घरेलू एजेंडे को विपक्ष की ओर से बाधित किया जाता है, तो ट्रंप अपना ध्यान मुख्य रूप से विदेश नीति के संचालन की ओर केंद्रित कर सकते हैं।