US Mid-Term Polls: Donald Trump- Joe Biden
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अमेरिका के मिडटर्म चुनाव नतीजों पर विश्लेषकों ने अपनी शुरुआती टिप्पणियों में कहा है कि ब्लू दीवार रेड लहर को रोकने में कामयाब रही। अमेरिका में ब्लू यानी नीला रंग सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी और रेड यानी लाल रंग रिपब्लिकन पार्टी पार्टी की निशानी माना जाता है।
बुधवार सुबहर जैसे-जैसे चुनाव नतीजों के संकेत मिले, चुनाव पूर्व अनुमान कमजोर होते चले गए। चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बुरी हार होने की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन असल नतीजा ऐसा नहीं आया। देखने को यह मिला कि दोनों पार्टियों ने एक दूसरे के हाथों कुछ सीटें गंवाईं। इस तरह डेमोक्रेटिक पार्टी अपने नुकसान की भरपाई करने में काफी हद तक कामयाब रही।
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के अमेरिका स्थित संवाददाता डेविड स्मिथ ने उभरे ट्रेंड का विश्लेषण करते हुए कहा कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के हाथों डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की सनसनीखेज हार के बाद सबसे आश्चर्यजनक चुनाव नतीजे अब देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा- हाल में यही नैरेटिव छाया रहा कि मतदाताओं की प्राथमिकता महंगाई है और वे लोकतंत्र के खतरे में होने की डेमोक्रेटिक पार्टी की बात नहीं सुन रहे हैं। लेकिन इस नैरेटिव के मुताबिक नतीजे नहीं आए।
कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को लाभ जरूर हुआ। लेकिन यह वैसा नहीं है, जैसा अनुमान लगाया गया था। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुत भारी नुकसान होने की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन वह अपने नुकसान को सीमित रखने में सफल रही। कांग्रेस के ऊपरी सदन सीनेट को लेकर सर्वेक्षणों में मतभेद थे। राज्यों के गवर्नर के चुनाव में आश्चर्यजनक सफलताएं हासिल कर डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहानी पलट दी।
अमेरिकी टीवी चैनलों पर चुनाव विश्लेषकों ने कहा कि गर्भपात अधिकार का मुद्दा अधिक प्रभावशाली साबित हुआ है। अनुमान लगाया गया है कि रिपब्लिकन पार्टी के जीतने पर गर्भपात अधिकार स्थायी रूप से छिन जाने की आशंका से ग्रस्त महिलाओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी समर्थन दिया। इसके अलावा ऐसा लगता है कि धुर दक्षिणपंथी नेताओं को उम्मीदवार बनाने का रिपब्लिकन पार्टी का दांव भी उलटा पड़ा है।
विश्लेषकों ने कहा कि बुधवार को आए चुनाव नतीजों के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गणनाएं गड़बड़ा सकती हैं। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में अपनी पार्टी के लिए दिखाई जा रही मजबूत संभावना को देखते हुए ट्रंप ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान करने का ठोस संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि वे 15 नवंबर को एक बड़ी घोषणा करेंगे।
लेकिन असल चुनाव नतीजों से सामने आया कि ट्रंपिज्म (ट्रंप की विचारधारा) भले लोकप्रिय बनी हुई हो, लेकिन उनके धुर दक्षिणपंथी चेहरे से आशंकित मतदाता भी गोलबंद हैं। इसी गोलबंदी के कारण 2020 में उनकी हार हुई थी। बुधवार को जाहिर हुआ है कि ट्रंप विरोधी मतदाताओं से दिमाग से उनका भय अभी दूर नहीं हुआ है।
चुनाव प्रचार के दौरान अपने समर्थकों के बीच ट्रंप ने कहा था- ‘हम इतनी बड़ी जीत हासिल करेंगे कि आप जीत से ऊब जाएंगे।’ विश्लेषको के मुताबिक उनकी ये ऊंची उम्मीद पूरी नहीं ही है। चुनाव में उभरे ट्रेंड से ट्रंप और उनके समर्थकों को निराशा होगी।