अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसके सैनिकों ने शुक्रवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) सीरिया के मध्य क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) के एक शीर्ष आतंकी को मार गिराया। बताया गया है कि यह आतंकी यूरोप और अमेरिका में हमले करने की योजना बना रहा था।
इराक की आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने कहा कि उसने इस आतंकी का पता लगाने में गठबंधन की मदद की। उसकी पहचान उमर अब्दुल-कादर के रूप में हुई है, जिसे उसके उपनाम अब्दुल-रहमान अल-हलाबी से भी जाना जाता था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अब्दुल-कादर एक 'ऐसा ऑपरेटिव था, जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा था।'
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आईएस के विदेशी अभियानों का प्रमुख था उमर
इराक की आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने कहा कि उमर आईएस के विदेशी अभियानों का प्रमुख था और 2013 में बेरूत स्थित ईरानी दूतावास पर हुए बम हमले में शामिल था, जिसमें 20 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें ईरान के सांस्कृतिक अताशे भी शामल थे। सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, 'हम उन आतंकियों का पीछा करना कभी नहीं छोड़ेंगे, जो अमेरिका, हमारी सेनाओं या विदेशों में हमारे सहयोगियों और साझेदारों पर हमला करना चाहते हैं।'
सीरिया के मध्य प्रांत हमा में मारा गया अब्दुल-कादर
ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि अब्दुल-कादर सीरिया के मध्य प्रांत हमा में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमले में मारा गया। हालांकि, उसके द्वारा योजनाबद्ध कोई हमला अब तक अंजाम नहीं दिया जा सका था।
सीरियाई नागरिक था अब्दुल-कादर
ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने बताया कि अब्दुल-कादर सीरियाई नागरिक था। उसे पहले लेबनान में हिरासत में लिया गया था और बाद में दमिश्क (सीरिया) सरकार को सौंप दिया गया। लेकिन पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद वह भाग निकला और मारे जाने तक फरार रहा।
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आईएस ने सीरिया-इराक में बड़े पैमाने पर किए अत्याचार
गौरतलब है कि इस्लामिक स्टेट समूह (आईएस) ने 2014 में सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर 'खिलाफत' की घोषणा कर दी थी। उस दौरान आईएस ने दोनों देशों में बड़े पैमाने पर अत्याचार किए और मध्य पूर्व समेत दुनिया भर में हमलों की योजना बनाई। आईएस को 2017 में इराक और 2019 में सीरिया में पराजित कर दिया गया था, लेकिन इसके कुछ गुप्त सेल अभी भी सक्रिय हैं।