एच-1बी वीजा पर अस्थायी रोक की तैयारी में अमेरिका
- सीनेटरों ने भी ट्रंप को लिखा था पत्र
कोरोना के कारण अमेरिका में बढ़ रही बेरोजगारी को देखते हुए ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा पर अस्थायी रोक लगाने की तैयारी में है। यह वीजा भारतीय आईटी पेशेवरों में लोकप्रिय है। अमेरिकी अखबार वॉलस्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, छात्र वीजा और काम करने की अनुमति (वर्क अथॉराइजेशन) पर भी अस्थायी रोक की तैयारी है।
खबर के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आव्रजन मामलों के सलाहकार इस महीने आने वाले कार्यकारी आदेश के लिए योजना बना रहे हैं। इसके तहत नए अस्थायी और कार्य-आधारित वीजा जारी करने पर पाबंदी लग सकती है। यह आदेश एच-1बी वीजा, कुछ खास समय तक काम करने के लिए दिया जाने वाला एच-2बी वीजा और छात्र वीजा पर केंद्रित हो सकता है। अमेरिका में दो माह में 3.3 करोड़ अमेरिकियों को नौकरी गंवानी पड़ी है। बता दें कि अमेरिका में जा रहीं नौकरियों को देखते हुए चार शीर्ष रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप से 60 दिनों के लिए सभी नए कार्य-आधारित वीजा व एच-1बी सहित अतिथि वीजा की कुछ श्रेणियों को एक साल या रोजगार की स्थिति सामान्य नहीं होने तक निलबिंत करने का 7 मई को आग्रह भी किया है।
- राहत ग्रीन कार्ड : डॉक्टरों-नर्सों को होगा फायदा, विधेयक पेश
अमेरिकी सांसदों ने स्वास्थ्य देखभाल के लिए हजारों विदेशी नर्सों और डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड देने या स्थानीय कानूनी निवास का दर्जा देने वाला एक विधेयक कांग्रेस में पेश किया है। ‘द हेल्थकेयर वर्कफोर्स रेसिलिएंस एक्ट’ से उन ग्रीन कार्ड्स को जारी किया जा सकेगा जिन्हें पिछले वर्षों में कांग्रेस ने मंजूरी दी थी लेकिन उन्हें किसी को दिया नहीं गया। इसका फायदा भारतीय नर्सों-डॉक्टरों को मिलेगा। इस विधेयक से हजारों अतिरिक्त चिकित्सा पेशेवर अमेरिका में स्थायी रूप से काम कर सकेंगे। इससे महामारी में 25,000 नर्सों और 15,000 डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश में चिकित्सा पेशेवरों की कमी न रहे।