अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने मंगलवार को कहा कि चीन 5जी की बुनियादी संरचना में हुवावेई को भागीदारी दिलाने के लिये भारत को ब्लैकमेल कर रहा है। हालांकि चीन ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि हुवावेई को लेकर भारत स्वतंत्र और वस्तुनिष्ठ होकर निर्णय लेगा।
सुरक्षा कारणों को लेकर अमेरिका ने टेलीकॉम उपकरण में दुनिया के अग्रणी और नंबर दो स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुआवेई पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अमेरिका अन्य देशों को भी हुवावेई के उपकरण इस्तेमाल करने से मना कर रहा है।
अमेरिकी सांसद जिम बैंक्स ने कहा कि चीन अब भारत को अपनी 5जी संरचना में हुवावेई को जगह देने के लिये ब्लैकमेल कर रहा है, वे कोई सीमा जानते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी मजबूत देशों में निगरानी और जासूसी करना चाहती है।
एक अन्य अमेरिकी सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ने आरोप लगाया कि चीन और हुवावेई की कोशिश है कि वे जासूसी करने वाली अपनी तकनीक अमेरिका एवं सहयोगी देशों में भेजें।
केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के हवाले से हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की योजना अपने 5 जी नेटवर्क को विकसित करने की है।
इस सप्ताह की शुरुआत में, राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ ने कहा कि यदि कोई देश हुआवेई प्रौद्योगिकी को अपनाता है, तो अमेरिका उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं देगा। उन्होंने कहा कि हम ऐसे देशों के साथ काम करने में सक्षम नहीं होंगे।