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US: 'निर्वासितों के साथ इंसानियत का व्यवहार होना चाहिए', भारतवंशी अमेरिकी सांसद की अपनी सरकार से अपील

Tue, 11 Feb 2025 12:27 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

रो खन्ना ने कहा कि 'मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आगामी मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर बातचीत हो सकती है।'
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रो खन्ना - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अमेरिका दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी के अमेरिका दौरे और दोनों देशों के कुछ अहम मुद्दों पर भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने बात की। उन्होंने अपनी सरकार से अपील की कि निर्वासित किए जा रहे लोगों के साथ इंसानियत वाला व्यवहार किया जाना चाहिए। रो खन्ना ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आगामी मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। 
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'अवैध अप्रवासियों से भी गरिमापूर्ण व्यवहार होना चाहिए'
अवैध अप्रवासियों को निर्वासित किए जाने पर रो खन्ना ने कहा कि 'मेरा मानना है कि अगर निर्वासन होता है तो वो इंसानी तरीके से होना चाहिए और लोगों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार होना चाहिए। उनका अमानवीय तरीके से उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए।' उन्होंने ये भी कहा कि 'बेशक, अमेरिका आने वाले लोगों को कानूनी तरीके से ही अमेरिका आना चाहिए और कानून का पालन करना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि ये मुद्दा जल्द सुलझ जाएगा।'

'व्यापार संतुलन होना चाहिए'
रो खन्ना ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार असंतुलन का भी मुद्दा है। अमेरिका का चीन, कनाडा और यूरोप के साथ भी व्यापार असंतुलन है। इनमें अमेरिका ज्यादा सामान खरीदता है, लेकिन ये देश अमेरिका से कम सामान खरीदते हैं। भारत के साथ भी अमेरिका का व्यापार असंतुलन है। रो खन्ना ने कहा कि इस व्यापार असंतुलन को खत्म किया जाना चाहिए।
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गौरतलब है कि रो खन्ना की यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है, जब बीती 5 फरवरी को ही 100 से ज्यादा अवैध अप्रवासियों को लेकर अमेरिकी सेना का विमान भारत पहुंचा। निर्वासित किए गए इन भारतीयों को हाथ-पैरों में बेड़ियां बंधी थीं और रास्ते में लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। इसे लेकर संसद में खूब हंगामा हुआ। जिस पर जवाब देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत सरकार, अमेरिकी सरकार के संपर्क में है ताकि ये सुनिश्चित कराया जा सके कि निर्वासितों के साथ गलत व्यवहार न हो।
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