अमेरिका में जेफरी एपस्टीन तस्करी मामले से जुड़े लंबे समय से बंद पड़े दस्तावेज आखिरकार सार्वजनिक होने शुरू हो गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार से एपस्टीन जांच से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह वही मामला है, जिसने पिछले करीब दो दशकों से अमेरिकी राजनीति, सत्ता और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन फाइलों के खुलने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि तस्करी के इस जघन्य अपराध से जुड़े कई दबे हुए सच सामने आ सकते हैं।
न्याय विभाग ने यह रिकॉर्ड कांग्रेस की तय समय-सीमा के तहत जारी किए हैं। हालांकि उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने साफ किया कि तय समय में सभी दस्तावेज सार्वजनिक नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल कई लाख रिकॉर्ड जारी किए जा रहे हैं और आने वाले हफ्तों में और दस्तावेज सामने लाए जाएंगे। इन फाइलों में तस्वीरें, कॉल लॉग, ग्रैंड जूरी की गवाही और जांच से जुड़े इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट शामिल हैं। अब यह साफ नहीं है कि इनमें कितना नया और ठोस खुलासा होगा।
जनता की उम्मीदें और दबा सच
एपस्टीन की फाइलों को लेकर जनता में जबरदस्त उत्सुकता है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या एपस्टीन के अमीर और ताकतवर संपर्कों को उसके अपराधों की जानकारी थी या वे इसमें किसी रूप में शामिल थे। खासतौर पर यह सवाल भी उठता रहा है कि साल 2008 में शुरुआती जांच को अचानक क्यों बंद कर दिया गया। एपस्टीन की पीड़िताएं वर्षों से यह जवाब मांगती रही हैं कि उन्हें न्याय क्यों नहीं मिला और दोषियों को क्यों बचाया गया।
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कानून, राजनीति और ट्रंप का यू-टर्न
राजनीतिक दबाव के बाद 19 नवंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कानून पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत न्याय विभाग को 30 दिनों में एपस्टीन से जुड़ी अधिकतर फाइलें सार्वजनिक करनी थीं। यह कानून दोनों दलों के समर्थन से पारित हुआ, जो अपने आप में असाधारण माना गया। शुरुआत में ट्रंप और रिपब्लिकन नेतृत्व इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन बाद में ट्रंप ने रुख बदलते हुए कहा कि फाइलों को जारी करना ही बेहतर रास्ता है ताकि रिपब्लिकन एजेंडे पर ध्यान दिया जा सके।
एपस्टीन मामला और अधूरा इंसाफ
जेफरी एपस्टीन की जांच 2005 में फ्लोरिडा के पाम बीच से शुरू हुई थी, जब एक 14 साल की लड़की के यौन शोषण की शिकायत सामने आई। एफबीआई जांच में कई नाबालिग लड़कियों की गवाही मिली, लेकिन इसके बावजूद एपस्टीन को एक ऐसा सौदा दिया गया, जिससे वह संघीय मुकदमे से बच गया। बाद में 2019 में उस पर फिर से तस्करी के आरोप लगे, लेकिन गिरफ्तारी के एक महीने बाद उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।
हालांकि एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज पहले ही सार्वजनिक हो चुके हैं, लेकिन लोगों की मांग अभी खत्म नहीं हुई है। ट्रंप, बिल क्लिंटन और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू जैसे बड़े नामों से जुड़ी चर्चाएं लगातार होती रही हैं, हालांकि किसी पर भी अपराध का आरोप साबित नहीं हुआ है।
एपस्टीन की मौत की जांच भी शामिल
जारी की जा रही फाइलों में एपस्टीन की जेल में हुई मौत से जुड़ी जांच का विवरण भी शामिल है। एपस्टीन 2019 में संघीय जेल में मृत पाया गया था, जिसे आधिकारिक रूप से आत्महत्या बताया गया, लेकिन इस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। नए दस्तावेज यह भी स्पष्ट कर सकते हैं कि जेल प्रशासन और जांच एजेंसियों की भूमिका क्या रही और क्या कोई लापरवाही हुई।
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