बाइडन प्रशासन ने अमेरिका की अपील अदालत से 09/11 हमले के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों के साथ किए गए समझौते को रोकने की मांग की है। अमेरिकी सरकार ने कहा कि अगर समझौते को बरकरार रखा गया तो अमेरिका में हुए अब तक के सबसे घातक हमले का मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद मौत की सजा से बच जाएगा। साथ ही इससे सरकार को नुकसान होगा।
अमेरिकी न्याय विभाग ने कोलंबिया की संघीय अपील अदालत में दायर याचिका में कहा कि 9/11 हमले के मास्टरमाइंड और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ सरकार को सार्वजनिक तौर पर सुनवाई करने का मौका दिया जाना चाहिए। हमें तीन लोगों के खिलाफ मृत्युदंड की मांग करने का अवसर दिया जाए। तीनों पर सामूहिक हत्या का आरोप है। उनके कृत्य से हजारों लोगों की मौत हुई और देश तथा दुनिया स्तब्ध रह गई।
मंगलवार को जब न्याय विभाग ने अपील दायर की तो हमले में मारे गए तीन हजार लोगों के परिवार के सदस्य क्यूबा के ग्वांतानामो बे में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर खालिद शेख मोहम्मद के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए पहुंचे थे। न्याय विभाग ने कहा कि इस मामले में सरकार के अनुरोध के आधार पर गुण-दोष पर विचार करने के लिए न्यायालय को कुछ समय देने से प्रतिवादियों को कोई नुकसान नहीं होगा। न्याय विभाग ने सैन्य आयोग के न्यायाधीश के उस फैसले की आलोचना की, जिसमें रक्षा सचिव के अधिकारों को लेकर टिप्पणी की गई थी।
यह है मामला
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले में 3000 के करीब लोगों की मौत हुई थी और इस आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। अपहरणकर्ताओं ने पहले दो विमानों को न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावरों से टकराया और तीसरे विमान को वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में पेंटागन से टकराया। चौथे विमान को वॉशिंगटन डीसी में एक संघीय सरकारी इमारत को टक्कर मारनी थी, लेकिन वह एक खेत में गिर गया था। इस हमले के आरोपी खालिद शेख मोहम्मद और उसके दो साथी वालिद बिन अताश और मुस्तफा अल-हौसावी को मौत की सजा सुनाई गई है। 11 सितंबर के आतंकी हमले के पांच साजिशकर्ता ग्वांतेनामो बे जेल में बंद हैं।
कुछ महीने पहले अमेरिकी अभियोजकों ने 09/11 के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद के साथ एक समझौता किया था। इस समझौते के तहत अमेरिका मास्टरमाइंड खालिद शेख द्वारा आरोप स्वीकार करने के बदले मौत की सजा खत्म करने को तैयार है। इस समझौते का हमले के पीड़ितों ने विरोध किया तो रक्षा सचिव लॉयड आस्टिन ने समझौते को रद्द कर दिया था। इस पर आरोपियों के वकीलों का कहना है कि याचिका समझौते को रक्षा सचिव ऑस्टिन के अपने अधिकारियों और सैन्य अभियोजकों ने अनुमोदित किया गया था और उनका न्याय प्रणाली में गैरकानूनी राजनीतिक हस्तक्षेप था।
इसे लेकर अपील अदालत ने फैसला सुनाया था कि ऑस्टिन भविष्य में होने वाले प्री-ट्रायल समझौतों को सीमित कर सकते हैं, लेकिन उनके पास पहले से स्वीकृत समझौतों को रद्द करने का अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि प्रतिवादियों द्वारा अपराध स्वीकार करने से किसी भी नए मुकदमे की संभावना कम हो जाएगी।
मृतकों के परिजनों में मतभेद
सरकार और आरोपियों के बीच हुए समझौते को लेकर मृतकों के परिजनों में भी मतभेद है। कुछ लोगों ने समझौते को सही ठहराया है। जबकि कुछ ने मुकदमे की मांग की और उन्हें उम्मीद है आरोपियों को फांसी दी जाएगी। कुछ परिवार के सदस्यों और रिपब्लिकन सांसदों ने इस समझौते के लिए बाइडन प्रशासन की निंदा की।