फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पश्चिम एशिया में कब छटेंगे संकट के बादल?: ईरान के साथ संघर्ष पर ट्रंप बोले- चार हफ्ते और चल सकता है युद्ध

Mon, 02 Mar 2026 03:17 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

बीते 36 घंटों में अमेरिका और इस्राइल के हमलों ने ईरान को जमींदोज कर दिया है। नौ जहाज और सैकड़ों लक्ष्य तबाह हुए और पूर्व नेता खामेनेई की मौत ने देश झकझोर दिया। ऐसे में ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक मजबूत उद्देश्य पूरे न हों। आइए जानते हैं ट्रंप ने और क्या-क्या कहा?

विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल और अमेरिका के सशस्त्र हमलों ने बीते 36 घंटो से ईरान को जमींदोज कर दिया है। सैकड़ों लक्ष्य मिनटों में तबाह हो गए और नौ जहाज और उनके नौसैनिक भवन खाक हो गए। इतना नहीं इस्राइल और अमेरिका के इन हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत भी हो गई, जिसनें पूरे देश को झकझोर दिया। बात यही तक नहीं थमी, जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर हमले किए और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर खूब बमबारी की। ऐसे में अब एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को लेकर अपना सख्त रुख अपनाया है। साथ ही यह भी बताया कि यह संघर्ष अभी और कितना चलेगा। आइए जानते हैं।   

विज्ञापन


संघर्ष और फिर बढ़ते हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वीडियो संदेश जारी कर ईरान को फिर से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक अमेरिका के मजबूत उद्देश्य पूरे नहीं होते। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की शहादत के बाद अमेरिका और इस्राइल ने आतंकवादियों को निर्णायक और दर्दनाक जवाब देने की कसम खाई।


 


ट्रंप ने संधर्ष को बताया सुरक्षा की लड़ाई
वीडियो संदेश में ट्रंप ने आगे कहा कि यह युद्ध केवल सत्ता नहीं बल्कि न्याय और सुरक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि पिछले 36 घंटों में अमेरिका और उसके साझेदारों ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा और जटिल सैन्य अभियान है। उन्होंने कहा कि इस हमले में ईरान के सैकड़ों लक्ष्य निशाना बनाए गए हैं, जिसमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की सुविधाएं और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- West Asia Tensions: ईरान के हमलों पर ब्रिटेन-फ्रांस-जर्मनी सख्त, अमेरिका के साथ मिलकर जवाबी कार्रवाई की तैयारी

मिनटों में नष्ट किए गए नौसनिक भवन- ट्रंप
ट्रंप ने बताया कि नौ ईरानी जहाज और उनका नौसैनिक भवन मिनटों में नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई ने अमेरिका और अन्य देशों में कई निर्दोष लोगों का खून बहाया। ट्रंप ने बताया कि ईरान के कई सैनिक और अधिकारी अब अपनी जान बचाने के लिए आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लड़ाई अभी पूरी ताकत से जारी है और तब तक चलेगी जब तक अमेरिका के सारे उद्देश्य पूरे न हों। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के उद्देश्य बहुत मजबूत हैं।

अमेरिकी सेनाओं की मौत पर क्या बोले ट्रंप
इसके साथ ही वीडियो संदेश में ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस युद्ध में अमेरिकी सेनाओं को भी नुकसान हुआ है। पिछले हमलों में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच घायल हुए हैं। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि आगे और भी अमेरिकी सैनिक इन युद्ध में मारे जा सकते हैं। उनका मानना है कि युद्ध में परेशानी और बलिदान आम बात है और इससे देशों को आगे बढ़ने में कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। लेकिन अमेरिका अपने सैनिकों की मृत्यु का बदला लेने और आतंकवादियों को कड़ा जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Iran-US War: 'ईरानी नेता बातचीत के लिए तैयार, हम भी सहमत', ट्रंप बोले- नौ ईरानी नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया

ट्रंप ने ईरान के लोगों से अपील भी की

ट्रंप ने अंत में कहा कि अमेरिका और इस्राइल की ताकत कभी इतनी मजबूत नहीं रही। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाया। अब यह सेना सुरक्षा और न्याय के लिए इस्तेमाल की जा रही है। राष्ट्रपति ने ईरानी सैनिकों और अधिकारियों से कहा कि वे हथियार डालकर बचाव प्राप्त करें। उन्होंने ईरानी नागरिकों से भी अपील की कि वे बहादुरी दिखाएं और अपने देश को वापस लें। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उनके साथ है और अपने सैनिकों और देश की रक्षा के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें