अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर मंगलवार को ईरान के साथ बातचीत के लिए कतर की राजधानी दोहा जाएंगे। व्हाइट हाउस ने सोमवार को ये जानकारी दी। हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुए सैन्य तनाव के बाद यह कूटनीतिक पहल की जा रही है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है। उन्होंने कहा, "मैंने अभी राष्ट्रपति से बात की है। ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर चर्चा के लिए दोहा जाएंगे। उच्चस्तरीय वार्ता के साथ-साथ तकनीकी स्तर की बातचीत भी होगी।"
ईरान में अमेरिकी हमलों को लेकर क्या बोला व्हाइट हाउस?
लेविट ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी तरह के तनाव बढ़ाने पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "हम युद्धविराम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता निभा रहे हैं। हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा। जहाजों पर हमले हुए थे, जिनका राष्ट्रपति ने जवाब दिया था और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसा होगा। हमें उम्मीद है कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आएगी।"
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़े और पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद जारी तकनीकी बातचीत के बीच ईरान को अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता करना चाहिए।
ईरान के साथ वार्ता पर ट्रंप ने किया क्या दावा?
इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालिया सैन्य तनाव के बाद ईरान ने अमेरिका से बैठक का अनुरोध किया है। उन्होंने घोषणा की थी कि मंगलवार को कतर के दोहा में दोनों देशों के बीच वार्ता होगी। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इस सप्ताह कोई तकनीकी बैठक तय नहीं की गई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी।" एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, कतर में प्रस्तावित बैठक का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद को सुलझाना है। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच कई हमले हुए हैं।
कब तक रूके रहेंगे अमेरिकी हमले?
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस से कहा, "हमने सभी सैन्य गतिविधियां रोकने का फैसला किया है।" एक अन्य अधिकारी ने कहा कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटेंगे और "अभी के लिए" जहाजों की आवाजाही सामान्य रहेगी, जबकि तकनीकी स्तर की बातचीत जारी रहेगी। अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य सूत्र ने मंगलवार को प्रस्तावित बैठक की पुष्टि की है।
हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि तकनीकी स्तर की बातचीत तुरंत शुरू होने जा रही है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत इस सप्ताह किसी तकनीकी कार्य समूह की बैठक निर्धारित नहीं है।