ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष में शनिवार को एक बार फिर तनाव बढ़ने की खबर सामने आई। रॉयटर्स ने ईरान के सरकारी संबद्ध न्यूज आउटलेट नूरन्यूज के हवाले से बताया कि ईरान के प्रमुख तेल केंद्र खर्ग द्वीप के पास एक तेल टैंकर को अमेरिका ने निशाना बनाया। इसके बाद इलाके में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
खर्ग द्वीप के पास आखिर क्या हुआ?
नूरन्यूज के मुताबिक, अमेरिकी हमले के बाद खर्ग द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। एक तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन मीडिया रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ईरान की एक अन्य न्यूज वेबसाइट असर ईरान ने दावा किया कि टैंकर को उस समय चार प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जब उसमें से तेल उतारा जा रहा था। वहीं, अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा कि धमाके की आवाज जरूर सुनाई दी, लेकिन खर्ग द्वीप के आसपास धुआं उठता हुआ नहीं देखा गया। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस कथित हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, टैंकर को हुए नुकसान और उसकी मौजूदा स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष में फिर क्यों बढ़ा तनाव?
- खर्ग द्वीप के पास कथित हमला ऐसे समय हुआ है जब पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और तेज हुआ है।
- खासतौर पर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य इस टकराव का प्रमुख केंद्र बन गया है।
- अमेरिका ने 30 अगस्त को ईरान के खिलाफ हमलों की नई लहर शुरू की थी। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप पर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही थी।
- वॉशिंगटन के अनुसार, इन हमलों का लक्ष्य उन ईरानी बलों को निशाना बनाना था, जो समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने और समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा करने में शामिल थे।
ईरान ने अमेरिकी हमलों का कैसे जवाब दिया?
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद 1 सितंबर को अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तट के साथ एक और बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरानी वायु रक्षा प्रणाली, रडार प्रतिष्ठानों, समुद्री संसाधनों, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और संचार ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमेरिकी बलों ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों पर हमला किया। इनमें वायु रक्षा स्थल, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन, माइन बिछाने की क्षमता और संचार सुविधाएं शामिल थीं। अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ IRGC की कथित गतिविधियों के बाद की गई।