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US-Iran Ties: ट्रंप का बड़ा बयान- अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो शांति समझौता संभव नहीं होता

Thu, 09 Oct 2025 09:33 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो शांति समझौता संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में जब अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर स्ट्राइक की तो परिस्थितियां बिल्कुल बदल गईं। जानिए ट्रंप ने और क्या कहा?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आक्रामक तेवर, बयानों और सख्त फैसले के लिए लगातार चर्चा में बने रहते हैं। ताजा घटनाक्रम में ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव और अमेरिका के रुख को लेकर बयान दिया है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, इस वर्ष की शुरुआत में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने में सफल हो जाता, तो गाजा शांति समझौता संभव नहीं हो पाता।

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परमाणु हथियार वाले देश की धमकी...
पश्चिम एशिया में ईरान की ताकत और क्षेत्रीय शांति पर इसके असर से जुड़े एक सवाल पर फॉक्स न्यूज के साथ साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, ईरान एक या दो महीने के भीतर परमाणु हथियार बनाने के करीब था। अगर मैंने इसे होने दिया होता, तो यह समझौता कभी नहीं हो पाता या फिर उस पर परमाणु हथियार वाले देश की धमकी का साया भी बरकरार रहता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, परमाणु हथियारों की ताकत के बारे में हमें बात भी नहीं करनी चाहिए।

व्हाइट हाउस ने वीडियो जारी कर ट्रंप की कोशिशों को दिखाया
ट्रंप ने कहा, गाजा में शांति समझौते के प्रयासों ने दुनिया को एकजुट किया है। अगर ईरान ने परमाणु हथियार बना लिए होते, तो इस शांति प्रक्रिया पर 'एक काला बादल' छा जाता। ईरान, गाजा और पश्चिम एशिया में शांति की कवायद को लेकर अमेरिका क्या कर रहा है, ये बताने के लिए व्हाइट हाउस ने बृहस्पतिवार को एक वीडियो भी जारी किया। इस वीडियो में राष्ट्रपति ट्रंप गाजा में बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों से मिलते और उन्हें शांति समझौते के लिए धन्यवाद देते देखे जा सकते हैं।
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शांति समझौते में किन बिंदुओं को शामिल किया गया है
ट्रंप के बयान से इतर गुरुवार को ही कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा, गाजा संघर्षविराम समझौते के पहले चरण के सभी प्रावधानों और कार्यान्वयन तंत्र पर सहमति बन गई है। इस समझौते में इस्राइली बंधकों और फलस्तीनी कैदियों की रिहाई भी शामिल है।

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गाजा में युद्ध और इस्राइली कब्जा समाप्त होगा
तेजी से बदलते परिदृश्यों के बीच हमास ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। हमास ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि इस्राइल के साथ समझौता हो गया है। अब गाजा में युद्ध समाप्त होगा। इस्राइली का कब्जा भी समाप्त किया जाएगा। मानवीय सहायता आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और दोनों पक्षों के बीच कैदियों का आदान-प्रदान भी होगा। ट्रंप की गाजा शांति योजना पर अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता दो साल के बाद इस क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
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क्या है गाजा का अभूतपूर्व मानवीय संकट
बता दें कि गाजा में हमास के लड़ाकों के हमले के बाद सात अक्तूबर, 2023 से ही हिंसक संघर्ष जारी है। हमास के हमले में इस्राइली लोगों की मौत से बौखलाए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को नेस्तनाबूद करने की कसम खाई। उन्होंने लगातार सख्ती दिखाते हुए इस्राइली डिफेंस फोर्स (IDF) को कार्रवाई करने की खुली छूट दी थी। बीते करीब दो साल से जारी गोलाबारी में अब तक 67 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं, जबकि गाजा से लाखों लोगों को विस्थापित होने पर मजबूर होना पड़ा है। गाजा में भुखमरी और अभूतपूर्व मानवीय संकट को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने शांति बहाली पर जोर दिया था। इस्राइल की तरफ से लगातार जारी हमलों को लेकर नेतन्याहू को आलोचना का सामना भी करना पड़ा है। हालांकि, अब शांति समझौते पर अमल होता दिख रहा है।

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