अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण हालात अब खुले संघर्ष की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ओमान की खाड़ी में एक अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस थॉमस हडनर पर आत्मघाती ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें तीन नौसैनिक घायल हो गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि यह हमला ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने किया, जबकि ईरान ने इससे इनकार किया है।
हमले के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने पूरे पश्चिम एशिया में अपने सैन्य ठिकानों पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया। पेंटागन के प्रवक्ता मेजर जनरल पैट राइडर ने कहा, कि इस हमले के पीछे जो भी ताकत है, उसे जवाब देना होगा। हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन खाड़ी देशों की यात्रा पर हैं। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने कहा, यह हमला हमारे विरोधियों की कारस्तानी हो सकती है ताकि हमें बदनाम किया जा सके। हालांकि, वॉशिंगटन पोस्ट को अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने बताया कि हाल में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों में असामान्य तेजी आई है।
इस्राइल ने ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने आपात बैठक बुलाने की मांग की है। इस्राइली राजदूत गिलाड एर्डन ने एक अलग बयान में कहा कि ईरान पूरी दुनिया को युद्ध में झोंकने की ओर बढ़ रहा है। अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ठोस कार्रवाई करे। वहीं, रूस व चीन ने इस मुद्दे पर संयम बरतने की सलाह दी है। मध्य पूर्व विशेषज्ञ टॉम वॉरन का कहना है, यदि आने वाले दिनों में अमेरिका जवाबी कार्रवाई करता है तो स्थिति 2003 के इराक युद्ध जैसी बन सकती है।