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US: व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, कहा- सही लोगों से हो रही है बात; ईरान के साथ समझौते की ओर अमेरिका?

Wed, 01 Apr 2026 10:07 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के नए नेतृत्व के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। 

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अमेरिकी झंडा - फोटो : Google Gemini
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने कहा कि वह ईरान के नए नेतृत्व के साथ गंभीर चर्चा कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन को पूरा भरोसा है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन और पाकिस्तान ने खाड़ी और मध्य पूर्व में तुरंत युद्ध रोकने की मांग की है। हालांकि अमेरिका के इन दावों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसे का स्तर शून्य है।
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क्या बोले अमेरिकी अधिकारी?
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था अमेरिका ईरान के नए नेताओं के साथ बातचीत में लगा है और इसमें काफी प्रगति हुई है। अधिकारी ने यह बात पाकिस्तान और चीन के साझा बयान पर पूछे गए सवाल के जवाब में कही। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति को जल्द ही समझौता होने का पूरा भरोसा है। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होंगे।

चीन-पाकिस्तान की अपील को किया नजरअंदाज
व्हाइट हाउस ने चीन और पाकिस्तान के उस साझा बयान को नजरअंदाज कर दिया है, जो बीजिंग में हुई बैठक के बाद सामने आया था। इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार शामिल थे। चीन और पाकिस्तान के बयान में खाड़ी और मध्य पूर्व की स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने तनाव कम करने और तुरंत युद्ध रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश होनी चाहिए। साथ ही युद्ध प्रभावित इलाकों में मानवीय मदद पहुंचाने की अनुमति देने पर जोर दिया।
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चीन-पाकिस्तान की अपील
दोनों देशों का मानना है कि बातचीत और कूटनीति ही विवाद सुलझाने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान निकालने और बल प्रयोग न करने की अपील की। इस प्रस्ताव में नागरिकों की सुरक्षा को सबसे अहम बताया गया है। इसमें कहा गया कि आम लोगों और गैर-सैन्य ठिकानों पर हमले तुरंत रुकने चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए ऊर्जा, बिजली और परमाणु संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा होनी चाहिए। बयान में होर्मुज जलमार्ग को वैश्विक व्यापार के लिए बहुत जरूरी बताया गया। दोनों देशों ने वहां से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की मांग की।
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दूसरी तरफ, अमेरिका ने तेहरान के साथ पर्दे के पीछे चल रही बातचीत के संकेत दिए हैं, लेकिन इसकी जानकारी देने से मना कर दिया। अधिकारी ने कहा कि वे शासन के सही लोगों से बात कर रहे हैं और वे लोग भी समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये बहुत संवेदनशील कूटनीतिक बातें हैं और अमेरिका मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा। 

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