अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने विएना में ईरान और अमेरिका के बीच हुई परमाणु वार्ता में तत्काल कोई कामयाबी मिलने की उम्मीद नहीं जताई। मंगलवार को हुई इस अहम बैठक को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने यह भी कहा कि आगे की बातचीत में कई तरह की मुश्किलें आएंगी।
तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर यूरोपीय संघ की मध्यस्थता से हो रही इस बैठक में ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और ईरान के राजनयिक भाग ले रहे हैं।
बता दें कि करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2015 में हुए हुए परमाणु करार से अमेरिका को अलग कर लिया था जिसके बाद से ही ईरान परमाणु समझौता अधर में लटका है। अमेरिका और ईरान ने पिछले हफ्ते कहा था कि वे मध्यस्थों के जरिए परोक्ष वार्ता शुरू करेंगे ताकि ईरानी परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने से संबंधित समझौते पर दोनों देश लौट सकें।
नेड प्राइस ने आगे की बातचीत पर मुश्किलें जताते हुए कहा, यह बैठक सिर्फ एक शुरुआत है और हम तत्काल किसी कामयाबी का अनुमान नहीं लगाते। उन्होंने कहा, इस स्तर पर अमेरिका निश्चित ही ईरान से सीधी बातचीत की उम्मीद नहीं करता है।
ईरान ने माना, लाल सागर में हुआ उसके जहाज पर हमला
ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने यमन के निकट लाल सागर में वर्षों से खड़े ईरानी मालवाहक पोत पर हमले की बात बुधवार को स्वीकार कर ली है। ऐसा माना जाता है कि यह पोत ईरानी अर्द्ध सैन्य बल ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ का ठिकाना है।
ईरानी सरकारी टीवी ने विदेशी मीडिया का हवाला देते हुए यह बयान दिया जो ‘एमवी साविज’ की संलिप्तता वाली रहस्यमयी घटना को लेकर ईरान की पहली टिप्पणी है। उधर, अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने कहा, हम लाल सागर में हुई घटना पर मीडिया रिपोर्टों से अवगत हैं लेकिन अमेरिका पुष्टि कर सकता है कि इस घटना में अमेरिकी बलों का हाथ नहीं है।