समझौते को लेकर ट्रंप ने नहीं की तारीख की पुष्टि
बढ़ती अटकलों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यह सुनिश्चित करने से इनकार किया कि हस्ताक्षर समारोह तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा, "समझौतों के बारे में कभी निश्चित नहीं हुआ जा सकता। लेकिन आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा।" ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अमेरिका-ईरान समझौते के हस्ताक्षर समारोह में मौजूद रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसा नहीं भी हो सकता।
वार्ता का अगला चरण होगा अहम
शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के लुजर्न शहर के निकट बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में प्रस्तावित हस्ताक्षर समारोह की तैयारियां जारी हैं। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने आगाह किया है कि यह एमओयू केवल एक प्रारंभिक ढांचा है और अंतिम समझौते से पहले किसी भी पक्ष के पास प्रक्रिया से अलग होने का विकल्प रहेगा।
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हस्ताक्षर के बाद स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ताएं यह तय करेंगी कि इस प्रारंभिक ढांचे को व्यापक और स्थायी समझौते में बदला जा सकता है या नहीं। अधिकारी ने कहा, "मुझे लगता है कि स्विट्जरलैंड की बैठक बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वहीं से यह स्पष्ट होगा कि हम अगले चरण तक कैसे पहुंचते हैं।"
होर्मुज और यूरेनियम पर भी सहमति
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से शुरुआती 60 दिनों तक बिना शुल्क आवाजाही की व्यवस्था शामिल है। इसके बाद इस रणनीतिक जलमार्ग के दीर्घकालिक प्रबंधन को लेकर ईरान, ओमान और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों के साथ चर्चा होगी। अधिकारियों के अनुसार, तेहरान ने अपने उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम के भंडार के संवर्धन स्तर को कम करने की प्रतिबद्धता भी जताई है। यह समझौते के प्रमुख प्रावधानों में शामिल है।
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा बताई गई रूपरेखा काफी हद तक उन जानकारियों से मेल खाती है जो पहले मीडिया रिपोर्टों में सामने आई थीं। इससे संकेत मिलता है कि शुक्रवार को प्रस्तावित हस्ताक्षर से पहले समझौते की अधिकांश शर्तों पर सहमति बन चुकी है।