भारत और अमेरिका के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर 2+2 अंतरसत्रीय वार्ता आज नई दिल्ली में शुरू होगी। पांच से आठ सितंबर तक चलने वाली इस बातचीत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू के नेतृत्व में आज दिल्ली पहुंचेगा। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करना है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में सहायक रक्षामंत्री एली रैटनर व पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों की उप सहायक विदेश मंत्री कैमिली डावसन भी शामिल होंगी। यह प्रतिनिधिमंडल भारत के विदेश और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वतंत्र, खुले, समृद्ध, लचीले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत-अमेरिका के बीच सहयोग के विस्तार और साझा हितों की रक्षा की रणनीति पर चर्चा करेगा।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ इस बात पर चर्चा करेगा कि कैसे अमेरिका और भारत एक स्वतंत्र, खुले, समृद्ध, लचीले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करने के लिए सहयोग का विस्तार कर सकते हैं।
इसके अलावा लू अमेरिका-भारत के बीच महिला उद्यमियों के आर्थिक सशक्तीकरण गठबंधन के तहत एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य कार्यबल में महिलाओं की सार्थक भागीदारी बढ़ाकर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। वहीं, कारोबारियों के साथ एक गोलमेज बैठक में आने वाले 25 वर्ष के दौरान भारत के आर्थिक विकास को इसकी संभावनाओं के शीर्ष तक ले जाने पर चर्चा होगी, ताकि भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखला का केंद्र बन सके।
गौरतलब है कि भारत जो बाइडन प्रशासन की हिंद-प्रशांत रणनीति का केंद्र बिंदु है - भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रियों ने हाल ही में अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ 2+2 बैठक की थी। भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय साझेदारी में आज कोविड-19 की प्रतिक्रिया, महामारी के बाद आर्थिक सुधार, जलवायु संकट और सतत विकास, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां, आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन, शिक्षा, प्रवासी, रक्षा और सुरक्षा सहित कई मुद्दों को शामिल किया गया है। ।