अमेरिका और चीन के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना वायरस को लेकर निवर्तमान ट्रंप प्रशासन शी जिनपिंग की सरकार से नाराज है। वहीं, एक बार फिर ट्रंप प्रशासन ने चीन के ऊपर कड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को चीनी अधिकारियों और विदेशी प्रभाव संचालन में लगे व्यक्तियों पर वीजा प्रतिबंध लगाया।
विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, प्रतिबंध चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के अधिकारियों या संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग से जुड़े प्रचार या प्रभाव अभियानों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति पर लागू होंगे। ट्रंप प्रशासन ने पिछले चार साल के अपने कार्यकाल में चीन सरकार के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए हैं।
गौरतलब है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग पर शारीरिक हिंसा, चोरी और निजी सूचना को जारी करना, जासूसी, तोड़फोड़, या घरेलू राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करना, शैक्षिक स्वतंत्रता, व्यक्तिगत गोपनीयता और व्यावसायिक गतिविधि में संलग्न होने का आरोप लगाया गया है।
पोम्पियो ने कहा, इन द्वेषपूर्ण गतिविधियों का उद्देश्य उप-राष्ट्रीय नेताओं, विदेशी चीनी समुदायों, शिक्षाविदों और अन्य नागरिक समाज समूहों को अमेरिका और अन्य देशों में सीसीपी के अधिनायकवादी और नीतिगत प्राथमिकताओं के साथ सहयोग करना है।
अमेरिका द्वारा लगाए गए ये प्रतिबंध मानवाधिकारों, कोरोना वायरस महामारी, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ताइवान और अन्य मुद्दों को लेकर चीन के नेतृत्व और अर्थव्यवस्था के खिलाफ उठाए गए नवीनतम दंडात्मक उपाय हैं।
प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका यह स्पष्ट करने के लिए इस तरह के वीजा प्रतिबंधों को लागू करना जारी रखेगा कि दुर्भावनापूर्ण कार्यों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति जो नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय आदेश का उल्लंघन करते हैं, उनका अमेरिका में स्वागत नहीं है।
उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने के लिए चीन की जबरदस्ती और डराने की रणनीति का उपयोग समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन चिंताओं का जवाब देने के लिए अपने अधिकारियों की समीक्षा करना जारी रखेगा।