'द सैटेनिक वर्सेज' किताब के लेखक सलमान रुश्दी पर इनाम घोषित करने वाले ईरान के संगठन के खिलाफ अमेरिकी सरकार ने कार्रवाई की है। अमेरिका ने उस ईरानी संगठन 15 खोरदाद फाउंडेशन’ पर वित्तीय दंड लगाया है, जिसने ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी को निशाना बनाने के लिए धन जुटाया था। ट्रेजरी ऑफिस ऑफ़ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने इसकी मंजूरी दी। वहीं, प्रतिबंध लगने के बाद अब इस संगठन के सदस्य अमेरिका की यात्रा नहीं कर पाएंगे।
इस मौके पर अमेरिकी आतंकवाद और वित्तीय खुफिया के लिए ट्रेजरी के अवर सचिव ब्रायन नेल्सन ने कहा कि अमेरिका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धर्म की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता के सार्वभौमिक अधिकारों के खिलाफ ईरानी अधिकारियों द्वारा उत्पन्न खतरों के लिए खड़े होने के अपने दृढ़ संकल्प से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि मशहूर लेखक पर हमले की घटना भयावह है। हम उनके जल्दी से स्वस्थ होने की आशा करते हैं।
वहीं, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि ईरानी संगठन पर आतंकवाद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने को लेकर राजनयिक रूप से दंडित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है।
न्यूयॉर्क में साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हुआ था हमला
भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक रुश्दी को अपने चर्चित उपन्यास 'द सैनेटिक वर्सेज' (शैतानी आयतें) के लिए जान से मारने की धमकियां मिलती रही हैं। रुश्दी पर न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में करीब 12 बार चाकू से हमला किया गया था। रुश्दी के साहित्यिक एजेंट माने जाने वाले एंड्रयू वाइली ने एक स्पेनिश समाचार पत्र को बताया कि 75 वर्षीय लेखक को गंभीर चोटें आईं थीं और उन्होंने एक आंख की रोशनी खो दी थी। उनके गले में तीन गहरे घाव थे।
रुश्दी के सीने से धड़ तक लगभग पंद्रह घाव
रिपोर्ट के मुताबिक वाइली ने कहा, "उनका एक हाथ अक्षम हो गया है, क्योंकि उसकी बांह से नसें कट गई हैं और सीने से धड़ तक लगभग पंद्रह और घाव हैं। यह एक क्रूर हमला था।" हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया है कि रुश्दी अभी अस्पताल में भर्ती हैं या नहीं।
रुश्दी के सिर पर रहा कई वर्षों तक इनाम
रुश्दी का जन्म मुंबई में एक मुस्लिम कश्मीरी परिवार में हुआ था। 'द सैनेटिक वर्सेज' उनका चौथा उपन्यास है, जिसे 1988 में जारी किया गया था। शायद यह उनका सबसे विवादास्पद उपान्यास रहा है। कई वर्षों तक उनके सिर पर इनाम रखा गया था। ब्रिटिश पुलिस की सुरक्षा में उन्होंने नौ साल अंडरग्राउंड बिताए थे।
ईरान के सर्वोच्च नेता ने जारी किया था मौत का फतवा
'द सैनेटिक वर्सेज' के प्रकाशन के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह रुहोल्लाह खामेनेई ने 1989 में रुश्दी की मौत का फतवा जारी किया था। न्यूयॉर्क में उन पर हमला करने वाले शख्स की पहचान चौबीस वर्षीय हादी मतहर के रूप में की गई। हालांकि, ईरान ने हमलावर के साथ किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया।