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US: दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद बवाल, ICE प्रमुख ने यूएस कांग्रेस के सामने किया अपने अधिकारियों का बचाव

Wed, 11 Feb 2026 07:59 AM IST
लव गौर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

US Immigration Policy: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के आव्रजन अभियान को लेकर जांच पड़ताल जारी है। मिनियापोलिस में हुई फायरिंग के बाद संघीय अधिकारों की आव्रजन संबंधी कार्रवाई की कार्यशैली सवालों के घेरे में हैं। इस बीच मंगलवार (10 फरवरी) को आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) प्रमुख संसद में पेश हुए। 
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आव्रजन नीतियों के खिलाफ अमेरिका में आक्रोश (फाइल फोटो) - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति के खिलाफ डेमोक्रेट्स और आम लोगों में गुस्सा है। इस बीच आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) प्रमुख टॉड लायन्स कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के सामने पेश हुए, जहां उन्होंने अपने अधिकारियों की कार्रवाई का बचाव किया। इसी के साथ लायन्स ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सामूहिक निर्वासन (डिपोर्टेशन) नीति को लागू करते समय उनके अधिकारी किसी भी तरह के दबाव या डर से पीछे नहीं हटेंगे।
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दो लोगों की मौत के बाद संसद में पेशी
टॉड लायन्स उन तीन एजेंसी प्रमुखों में शामिल थे, जिन्हें दो अमेरिकी नागरिकों की संघीय अधिकारियों की गोलीबारी में मौत के बाद संसद में बुलाया गया। इस सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने कड़े सवाल किए, जबकि ज्यादातर रिपब्लिकन सांसदों ने एजेंसियों का समर्थन किया। इस दौरान लायन्स ने कहा, 'जो लोग सोचते हैं कि वे हमें डरा सकते हैं, उन्हें मैं साफ संदेश देना चाहता हूं, वे असफल होंगे। हम अभी शुरुआत कर रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों के खिलाफ बढ़ती बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों से उनके कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ी है। हालांकि, उन्होंने दोनों मौतों पर सीधे टिप्पणी करने से कई बार परहेज किया, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके अधिकारी पीछे नहीं हटेंगे।
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दरअसल, हाल के हफ्तों में विशेषकर मिनियापोलिस में हुई गोलीबारी में हुई मौतों के बाद, ट्रंप के आव्रजन अभियान की गहन जांच-पड़ताल की गई है। एजेंसियों को उन नीतियों के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिनके बारे में आलोचकों का कहना है कि वे गिरफ्तारी का सामना कर रहे प्रवासियों और इन कार्रवाइयों का विरोध कर रहे अमेरिकियों, दोनों के अधिकारों का हनन करती हैं। मंगलवार की गवाही से ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की इस प्रमुख नीति को लेकर पनप रहे तनाव को शांत करने की संभावना कम ही है।
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