impeachment against President Donald Trump
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई मंगलवार को सीनेट में शुरू हो गई। इस दौरान डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों ने एक-दूसरे की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान गवाहों को लेकर सदन में सांसदों ने हंगामा कर दिया।
डेमोक्रेट सांसदों ने सीनेट के नेता मिच मैककोनेल पर आरोप लगाया कि वह इस प्रक्रिया के लिए प्रस्तावित नियम लाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि महाभियोग की कार्यवाही के लिए रिपब्लिकन मैककोनेल ने कुछ बुनियादी नियम प्रस्तावित किए हैं।
उनके अनुसार इसके तहत पहले चरण में गवाहों और सबूतों पर कुछ कड़े प्रतिबंध लागू होंगे और यह मामला तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि वह इस नियम को बदलने की डेमोक्रेट सांसदों की कोशिश को तुरंत रोक देंगे।
ट्रायल की शुरुआत से ही सीनेट रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स कानून और अहम प्रक्रियात्मक मुद्दों पर बंटे नजर आए। सीनेट के डेमोक्रेटिक नेता चक स्कूमर ने तीन संशोधन पेश किए। सभी संशोधनों में व्हाइट हाउस, विदेश विभाग और वित्त व प्रबंधन कार्यालय से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। सीनेट में इस पर मतदान हुआ कि ये संशोधन सदन के पटल में रखे जाएं या नहीं।
बता दें कि सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। यह कार्यवाही अब सीनेट में चल रही है। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया था।
हालांकि उच्च सदन में ट्रंप की पार्टी के पास बहुमत होने के चलते व्हाइट हाउस का मानना है कि वह इस कार्यवाही से अपने पक्ष में मोड़ लेगा। 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ ट्रंप की बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया था और इसके बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।