अपनी टैरिफ नीति को लेकर ट्रंप अब घर में घिरते नजर आ रहे हैं। डेमोक्रेट पार्टी द्वारा तो ट्रंप का विरोध हो ही रहा है, अब ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी ने भी विरोध शुरू कर दिया है। कनाडा पर लगे टैरिफ हटाने के लिए अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव लाया गया है, जिसे सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी ने भी समर्थन दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति अपने मनमाने फैसलों के चलते अब अपनी ही पार्टी का समर्थन खोते नजर आ रहे हैं। कनाडा पर लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव में कनाडा पर लगे टैरिफ को हटाने की मांग की गई। हैरानी की बात ये है कि डेमोक्रेट सांसदों द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने भी समर्थन दिया।
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प्रस्ताव को राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी जरूरी
बुधवार को अमेरिकी संसद में कनाडा पर लगे टैरिफ हटाने की मांग वाले प्रस्ताव पर मतदान हुआ।
211 के मुकाबले 219 मतों से यह प्रस्ताव पारित हो गया। अब यह प्रस्ताव सीनेट में जाएगा। हालांकि इस प्रस्ताव के पारित होने की आशंका कम ही है क्योंकि इसे राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी मिलनी भी जरूरी है और इसकी संभावना न के बराबर है।
ट्रंप का मानना है कि टैरिफ लगाकर अमेरिका अपने व्यापार सहयोगी देशों को बातचीत की मेज पर ला सकता है। यह राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की प्रमुख नीति रही है। हालांकि इस नीति से सांसद सहज नहीं हैं क्योंकि टैरिफ के चलते अमेरिका के जिन व्यापार पर असर पड़ रहा है, उनके द्वारा सांसदों पर दबाव डाला जा रहा है।
डेमोक्रेट सांसद ने रखा प्रस्ताव
न्यूयॉर्क के सांसद ग्रेगरी मीक्स, जो हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्य हैं, उन्होंने ही यह प्रस्ताव रखा। मध्यावधि चुनाव से पहले यह राष्ट्रपति के निर्देशों से सदन की बेचैनी को दिखाता है।
ट्रंप ने बीते दिनों कनाडा के प्रस्तावित चीन ट्रेड डील को लेकर वहां से आयात होने वाले सामान पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे अमेरिका के पुराने सहयोगी कनाडा के साथ मतभेद बहुत बढ़ गए हैं।
प्रस्ताव पर सदन के स्पीकर माइक जॉनसन ने इस टकराव को रोकने की कोशिश की। जॉनसन ने जोर दिया कि सांसद टैरिफ के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें।