भारतीय पेशेवरों के बीच सबसे ज्यादा मांग वाले एच-1बी विदेशी कामगार वीजा के नए वित्तीय वर्ष (2022) के लिए अमेरिका को प्रारंभिक अवधि के दौरान पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक आवेदन मिल चुके हैं। वीजा आवंटित करने वाली एजेंसी अमेरिकी नागरिकता व आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने कहा, निर्धारित कोटा पूरा करने के लिए जितने भी पंजीकरण हुए उनका चयन पुरानी लॉटरी पद्धति से ही किया गया।
बता दें कि एच-1बी एक गैर-अप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी श्रमिकों के लिए विशेष व्यवसायों में नियोजित करने की अनुमति देता है। इस संबंध में यूएससीआईएस वीजा आवेदनों की स्क्रीनिंग और एलोकेशन करती है। जिन लोगों को चयन हो गया है, वे वैध और चयनित पंजीकरण के आधार पर 1 अप्रैल 2021 से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
पिछले महीने यूएससीआईएस ने कहा था कि उसे वित्त वर्ष 2021 के लिए पर्याप्त संख्या में याचिकाएं मिली हैं। नियमित वीजा के लिए यह संख्या 65,000 है और एच-1बी वीजा यूएस एडवांस्ड डिग्री छूट के लिए यह 20,000 है। इस तरह, अमेरिका में हर साल 85,000 एच-1बी वीजा जारी होते हैं। इसका सर्वाधिक फायदा भारतीय और भारतीय आईटी कंपनियों को मिलता है।
ट्रंप प्रशासन के फैसले पर लगी है रोक
बाइडन प्रशासन ने फरवरी 2021 में ट्रंप प्रशासन की एच-1बी नीति बदली थी ताकि आव्रजन एजेंसी को पंजीयन प्रणाली में सुधार करने, उसका परीक्षण कर उसे लागू करने के लिए अधिक समय मिल सके। सात जनवरी को ट्रंप ने एच-1बी वीजा के लिए लॉटरी प्रणाली खत्म कर दी थी और यह नियम नौ मार्च से प्रभावी होने वाला था। लेकिन बाइडन ने इस समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दिया है।