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अमेरिकी सरकार गूगल पर मुकदमा चलाएगी, उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप

Tue, 20 Oct 2020 10:39 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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Google - फोटो : Google
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अमेरिकी न्याय विभाग जल्दी ही गूगल के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है। दरअसल गूगल पर दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन के तौर पर अपने प्रभुत्व के गलत इस्तेमाल का आरोप है। न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि दिग्गज आईटी कंपनी ऑनलाइन खोज में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर रही है। इस मामले से संबंधित एक शख्स ने मीडिया को यह जानकारी दी।

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दो दशक में किसी भी टेक कंपनी के खिलाफ एंटीट्रस्ट कानूनों के कथित उल्लंघन का ये सबसे बड़ा मामला होगा। करीब 20 साल पहले माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ किए गए मुकदमे के बाद से ताजा मामला प्रतिस्पर्धा को बचाने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम है।

न्याय विभाग का साथ देंगे ये 11 राज्य 
न्याय विभाग की इस शिकायत में अमेरिका के 11 राज्य भी साथ होंगे। पब्लिक कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इन राज्यों में अर्कांसस, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, इंडियाना, केंटकी, लुइसियाना, मिसिसिपी, मिसौरी, मोंटाना, साऊथ कैरोलिना और टेक्सास शामिल हैं।
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मुकदमा निर्णायक साबित हो सकता है 
न्याय विभाग और संघीय ट्रेड कमिशन में एप्पल, अमेजॉन और फेसबुक सहित प्रमुख तकनीकी कंपनियों के खिलाफ चल रही जांच को देखते हुए यह मुकदमा निर्णायक साबित हो सकता है। सांसद और उपभोक्ता मामलों के वकील लंबे समय से गूगल पर आरोप लगा रहे थे कि कंपनी मुनाफा बढ़ाने के लिए ऑनलाइन सर्च कारोबार में अपने प्रभुत्व दुरुपयोग कर रही है।

गूगल के अलावा अन्य बड़ी टेक कंपनियों पर भी इसी स्तर के मुकदमे हो सकते हैं। फेडरल ट्रेड कमीशन एक साल से ज्यादा समय से फेसबुक की जांच कर रहा है और इस जांच का अंत भी एक केस के साथ हो सकता है। बता दें कि गूगल की मूल कंपनी एल्फाबेट इंक है और इसका बाजार मूल्य 1,000 अरब डॉलर से अधिक है।

क्या भारत कर सकता है गूगल के खिलाफ कार्रवाई
कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया का भारत में किसी भी कंपनी का एकाधिकार को खत्म करना है। अमेरिका में जो मुकदमा दाखिल हुआ है, उसी तरह की शिकायत की जांच सीसीआई पहले ही कर रहा है।

पिछले महीने गूगल ने पेटीएम का एप गूगल स्टोर से हटा दिया था, जिसके बाद गूगल की खूब आलोचना हुई थी। पेटीएम ने यही आरोप लगाए थे कि गूगल अपने और दूसरे ऐप्स के बीच भेदभाव करता है। इसके बाद पेटीएम ने अपना मिनी एप स्टोर लांच कर दिया।

भारत के कानून एक्सपर्ट का कहना है कि यदि अमेरिका में गूगल के कॉर्पोरेट वर्चस्व को खत्म करने की कार्रवाई हुई तो इसका असर भारत में भी पड़ेगा। अमेरिका के मुकाबले भारत में गूगल जैसी कंपनियों ने अपना अराजक वर्चस्व स्थापित किया है।

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