रूस को यूक्रेन से जंग लड़ने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अमेरिका के एक शीर्ष जनरल ने दावा किया है कि यूक्रेन जंग में रूस के एक लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं या जख्मी हुए हैं।
यूक्रेन में जंग लड़ रही रूसी सेना को लेकर शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी का यह दावा चौंकाने वाला है। करीब नौ माह से दोनों देशों के बीच जंग जारी है और दोनों देशों को इसमें भारी नुकसान व तबाही का सामना करना पड़ रहा है। समाचार एजेंसी एएफपी ने अमेरिकी जनरल के दावे को लेकर खबर दी है।
नाटो की सदस्यता पर अड़े पूर्व सोवियत संघ के सदस्य देश यूक्रेन पर रूस ने 24 फरवरी को हमला किया था। उसके बाद से रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है। वहीं, नाटो की मदद के दम पर यूक्रेन रूसी फौज को कड़ी टक्कर दे रहा है। इसी कारण जंग लंबी खींच गई है।
शीर्ष अमेरिकी जनरल मार्क मिले ने बुधवार को न्यूयॉर्क के इकानॉमिक क्लब के कार्यक्रम में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में 1,00,000 से अधिक रूसी सैन्यकर्मी मारे गए हैं या घायल हुए हैं। यूक्रेन की सेना को भी इतना ही नुकसान होने की संभावना है।
अमेरिका जंग में यूक्रेन को सैन्य व आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है। जंग में हताहतों के जनरल मिले द्वारा पेश आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है। हालांकि, करीब नौ माह से जारी जंग को लेकर अमेरिकी आंकड़े सबसे ज्यादा सटीक व विश्वसनीय माने गए हैं।
रूस या यूक्रेन की जीत संभव नहीं
जनरल मिले ने यह भी कहा कि बातचीत से ही जंग खत्म हो सकती है। रूस या यूक्रेन यह जंग सैन्य तरीकों से जीत नहीं सकते। मिले ने कहा कि सैन्य साधनों से जीत हासिल नहीं की जा सकती, इसलिए इसे खत्म करने के अन्य तरीके आजमाने की जरूरत है।
खेरसान से हट रही रूसी फौज
जनरल मिले की यह टिप्पणी रूस द्वारा अपने सैनिकों को दक्षिणी यूक्रेन के खेरसान शहर से हटने का आदेश देने के बाद आई है। खेरसान से रूसी सेना का पीछे हटना, मॉस्को के सैन्य अभियान के लिए बड़ा झटका है। हालांकि, यूक्रेन के अधिकारियों ने इस पर प्रतिक्रिया में कहा है कि रूसी सेना के बिना लड़ाई के खेरसान जैसा रणनीतिक शहर छोड़ने की संभावना नहीं थी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का कहना है कि रूस का पीछे हटना इस बात का सबूत है कि युद्ध के मैदान पर वह समस्याओं का सामना कर रहा है।