फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: 'संविधान ही हमारी नींव, यही हमें जोड़ता है', माइक पेंस ने नाम लिए बिना ट्रंप पर साधा निशाना

Mon, 05 May 2025 11:22 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पेंस ने कहा कि ऐसे समय में जब हमारे बीच काफी मतभेद और आशंका पैदा हो गई है, हमें एकजुट रहने की जरूरत है। पेंस ने ट्रंप प्रशासन के यूक्रेन की मदद रोकने के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि अमेरिका को यूक्रेन की मदद करनी चाहिए। 
विज्ञापन
माइक पेंस (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने रविवार को 'जॉन एफ केनेडी प्रोफाइल इन करेज अवार्ड' से सम्मानित होने के बाद कहा कि 'देश का संविधान ही हमारी नींव है और यही हमें जोड़ता है'। माइक पेंस ने साल 2020 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का साथ छोड़कर जो बाइडन को सत्ता हस्तांतरण में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। अवार्ड देने वाली जेएफके लाइब्रेरी फाउंडेशन का कहना है कि माइक पेंस ने अपने जीवन और करियर को खतरे में डालकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा किया। 
विज्ञापन


पेंस ने संविधान की सराहना की
सम्मानित होने के बाद अपने संबोधन में माइक पेंस ने कहा कि 'हमारी एक साझा नींव है। मुझे उम्मीद है कि मेरी यहां मौजूदगी इस बात का सबूत है कि हमारे बीच बतौर अमेरिकी नागरिक चाहे कितने भी मतभेद रहें, लेकिन संविधान एक ऐसी चीज है, जो हमें जोड़ता है। हमें हमारे समय और हमारी पीढ़ियों को एकजुट रखता है। ये हमें वो बनाता है, जो हम हैं।' अपने संबोधन में पेंस ने कई बार ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर बात की, लेकिन सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया। पेंस ने कहा कि ऐसे समय में जब हमारे बीच काफी मतभेद और आशंका पैदा हो गई है, हमें एकजुट रहने की जरूरत है। पेंस ने ट्रंप प्रशासन के यूक्रेन की मदद रोकने के फैसले की भी आलोचना की और कहा कि अमेरिका को यूक्रेन की मदद करनी चाहिए। 

ये भी पढ़ें- Donald Trump: ट्रंप के तीसरे कार्यकाल पर सस्पेंस बरकरार, जेडी वेंस के नाम की भी चर्चा
विज्ञापन
विज्ञापन


एक समय ट्रंप के बेहद करीबी थे माइक पेंस
उल्लेखनीय है कि पिछली ट्रंप सरकार में माइक पेंस उपराष्ट्रपति रहे थे, लेकिन 2020 के चुनाव में जब ट्रंप की हार हुई तो उन्होंने पेंस से स्विंग स्टेट के चुनाव नतीजों को खारिज करने का निर्देश दिया था, लेकिन पेंस ने इससे इनकार कर दिया था। ट्रंप चाहते थे कि पेंस उनका साथ दें और अपना पद न छोड़ें, लेकिन पेंस ने पद छोड़ा और बाइडन को सत्ता हस्तांतरण में अहम भूमिका निभाई। पेंस का कहना है कि भगवान के आशीर्वाद से उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को निभाया और उसके चलते शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण हो सका। पेंस ने कहा कि '6 जनवरी एक दुखद दिन था, लेकिन यह आजादी की जीत का दिन बन गया। इतिहास में ये दिन दर्ज किया जाएगा, जिससे हमारी संस्थाएं कायम रहीं।'

ये भी पढ़ें- Trump: मैक्सिको में सेना की तैनाती से इनकार पर बिफरे ट्रंप, बोले- शिनबाम नशा तस्करों से डरी हुई हैं
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें