अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शुक्रवार को इस बात पर संदेह जताया कि पेंटागन दिसंबर में फोर्ट हुड गोलीबारी के दोषी निदाल मलिक हसन की मौत की सजा का सीधा प्रसारण करेगा या नहीं। हालांकि, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अगर इसका सीधा प्रसारण होता है, तो वह इसे नहीं देखेंगे।
उपराष्ट्रपति वेंस से पेंटागन की योजना के बारे में सवाल पूछा गया। पेंटागन ने गुरुवार को इस योजना की पुष्टि की थी। इस पर वेंस ने कहा, मुझे नहीं पता कि वास्तव में ऐसा होने वाला है या नहीं। इसके बाद वेंस ने सार्वजनिक रूप से मौत की सजा देने की इस विवादित योजना से जुड़े विवाद को अलग रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हसन के अपराधों को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
फांसी देने के तरीके को लेकर चाहे जो भी विवाद हो, मैं उम्मीद करता हूं कि लोग यह न भूलें कि यह वही व्यक्ति है, जिसने कई निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या की थी। उन्होंने आगे कहा, अब यह सब कहने के बाद अगर आखिरकार इसका सीधा प्रसारण होता है, तो मैं इसे नहीं देखने वाला।
ट्रंप ने हसन की सजा पर क्या कहा?
इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि हसन को 'फायरिंग स्क्वाड के जरिए मौत की सजा दी जाएगी और वह इसका हकदार है।' ट्रंप ने हसन को 'सनकी' बताया था। ट्रंप लंबे समय से मौत की सजा के खुले समर्थक रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पेंटागन की उस योजना का जिक्र नहीं किया, जिसके तहत सजा का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को भी सजा की कार्रवाई दिखाना है।
अमेरिका फोर्ट हुड गोलीबारी कांड में दोषी सेना के पूर्व अधिकारी मेजर निदाल हसन को सार्वजनिक तौर पर सजा-ए-मौत देगा। जहां उसने 13 सैनिकों की हत्या की थी, वहीं उसको गोली मारी जाएगी। करीब एक सदी बाद अमेरिका में सार्वजनिक तौर पर सजा देने का पहला मामला होगा। यही नहीं, अमेरिकी इतिहास में पहला मौका होगा जब मौत की सजा को टीवी पर लाइव दिखाया जाएगा। पेंटागन ने एक बयान में कहा कि सजा का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि लोग सबक ले सकें।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि ऐसे कृत्य के गंभीर परिणाम भुगतने होते हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि फोर्ट हुड हमलावर की सजा को लाइव-स्ट्रीम करने का निर्णय यातना पर पूर्ण प्रतिबंध का उल्लंघन है। निदाल हसन 5 नवंबर 2009 को निजी पिस्तौल लेकर फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पहुंचा और सैनिकों पर अचानक गोलीबारी कर दी। यह सामूहिक गोलीबारी की सबसे घातक थी। हसन ने माना था कि उसने यह हमला अफगानिस्तान और इराक के खिलाफ छेड़ी गई जंग के विरोध किया था।
- 1936 में अमेरिका के केंटुकी में एक अश्वेत युवा को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर दी गई थी फांसी।
- 1961 के बाद पहली बार सैन्य न्याय प्रणाली से मौत की सजा दी जाएगी, जिसमें फायरिंग स्क्वाड मौत के घाट उतारता है।
फायरिंग स्क्वायड 3 दिसंबर को देगा मौत की सजा
हसन को 2013 में पूर्व-नियोजित हत्या और पूर्व-नियोजित हत्या के प्रयास के 45 मामलों में दोषी ठहराया गया था। पूर्व सैनिक के पास अब भी अपनी सजा के खिलाफ अपील का अधिकार है। अगर उसकी अपील पर सजा नहीं टली तो 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वाड सार्वजनिक रूप से उसे मौत की सजा दे देगा।
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इन देशों में भी लाइव सजा
चीन : मार्च 2013 में सरकारी टीवी चैनल चार विदेशी ड्रग तस्करों को मौत की सजा दिए जाने से पहले के पलों का लाइव प्रसारण किया था।
ईरान : सितंबर 2017 में ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर की वेबसाइट पर इस्माइल जाफरजादेह को फांसी दिए जाने का वीडियो साझा किया गया था।
अफगानिस्तान : 22 फरवरी 2024 को तालिबान ने गजनी में दो दोषियों को गोली मारकर मौत की सजा दी।